{"title":"Psychology \u0026 Sociology","description":"\u003cp data-start=\"162\" data-end=\"303\"\u003eExplore insightful books on psychology and sociology , understanding human behavior, society, and social thought with academic depth.\u003c\/p\u003e","products":[{"product_id":"bachchon-ko-aise-karein-jagruk","title":"Bachchon Ko Aise Karein Jagruk","description":"\u003cp\u003eबच्चा एक सफल व्यक्ति बने, जीवन के हर क्षेत्र में नाम कमाये और अपने सपनों को साकार करे, दुनिया के सभी माता-पिता की यही अभिलाषा होती है। उन्हीं अभिभावकों तथा माता-पिता के बच्चे जीवन में उन्नति करते हैं जो बच्चों को हमेशा सकारात्मक सोचने के लिए प्रेरित करते हैं और उनकी शिक्षा पर पर्याप्त ध्यान देते हैं। लेकिन इसके लिए माता-पिता को भी बहुत परिश्रम करने की जरूरत होती है। अत: अभिभावकों तथा माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को अच्छे दिशा-निर्देश देने के तरीके ढूढ़ें। ऐसे दिशा-निर्देशों को इस पुस्तक में सम्मिलित किया गया है जिससे बच्चे जीवन में उन्नति कर अपना भविष्य संवार सकें।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45049236259006,"sku":null,"price":360.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/bachchonkoaisekareinjagruk.jpg?v=1745651429"},{"product_id":"retirement-jeevan-ka-ant-nahi-nai-shuruat","title":"Retirement Jeevan ka Ant Nahi, Nai Shuruat","description":"\u003cp\u003eभगवान ने यह सृष्टि तो बहुत अद्भुत और सुंदर बनाई है, पर इंसान का मन कुछ विचित्र बनाया है। वह किसी भी स्थिति में, कभी भी, पूरी तरह संतुष्ट नहीं रह पाता है।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003eजब कोई काम नहीं मिलता है, तब दुखी और निराश होता है, जब काम पाने में कामयाब हो जाता है, तो कुछ ही दिनों में उसके कारण व्यस्त होने, निरंतर काम में लगे रहने से परेशान हो जाता है।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003eबीच-बीच में छुट्टी आने या लेने से उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता। वह बराबर हिसाब लगाता रहता है कि उसके रिटायर होने में कितना वक्त बाकी है। एक दिन वह रिटायर हो जाता है। \u003cbr\u003e\u003cbr\u003eअकसर विदाई समारोह से पहले से ही उसका मन दुखी हो जाता है। इस ससार में कोई भी स्थिति चिरंतन नहीं है। मौसम हो या दिन-रात, समय हो या सुख-दुख, उम्र हो या स्वास्थ्य, हर चीज़ बदलती रहती है। कभी सोचकर देखना चाहिए, इनमें से कोई भी स्थिति अगर हमेशा एक सी रहे, तो जीवन कैसा लगेगा? \u003cbr\u003e\u003cbr\u003eयह बदलाव ही है जो जीवन को हर स्थिति का सामना करना सिखाता है। जो मानसिक तौर पर इसके लिए तैयार रहते हैं, उन्हें कम तकलीफ होती है, पर जो इस दिशा में सोचते ही नहीं हैं, वे समय आने पर बेहद परेशान हो जाते हैं। अतः ज्यादा अच्छा यही है कि साठ हो या पैंसठ, रिटायर होने की ज़रूरत से हंसी-खुशी समझौता कर, जीवन के अगले समय का स्वागत किया जाये। \u003cbr\u003e\u003cbr\u003eकुछ नये पहलुओं को टटोलकर, उनमें अपनी ताकत के अनुसार योगदान देकर, वहाँ भी अपनी योग्यता का परचम फहराने की ज़रूरत होती है। अपनी रूचि के क्षेत्र को ढूँढने में कोई और मददगार नहीं हो सकता। घर बैठकर भी इतना कुछ किया जा सकता है कि व्यक्ति के पास बोर होने का समय ही न बचे। अपने मन पर घिरे धुधलके को साफ कर नई रोशनी में सब कुछ साफ नज़र आयेगा कि रिटायरमेंट जीवन का अंत नहीं बल्कि नई शुरूआत है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45049326600382,"sku":"","price":280.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/Retirement.jpg?v=1745663174"},{"product_id":"mahilaon-ke-kanooni-dharmik-evam-samajik-adhikar","title":"Mahilaon Ke Kanooni, Dharmik Evam Samajik Adhikar","description":"\u003cp\u003eआज हमारे देश में जो अनगिनत समस्याएं छाई हुई हैं उन्हें सुलझाने में देश की नारियाँ अत्यंत महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। राष्ट्र का मंगल, समाज का कल्याण और अपना व्यक्तिगत हित ध्यान में रखते हुए नारी को अज्ञान के अन्धकार से निकालकर प्रकाश में लाना होगा। चेतना देने के लिए उसे शिक्षित करना होगा। सामाजिक एवं नागरिक प्रबोध के लिए उसके प्रतिबन्ध हटाने होंगे और भारत को भावी सन्तान के लिए उसे ठीक-ठीक जननी का आदर देना ही होगा। आज का युग नारी-स्वतंत्रता का युग कहा जाता है। वस्तुतः आज भारतीय नारियों को पहले की अपेक्षा बहुत अधिक स्वतंत्रता मिली है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता, किन्तु उस स्वतंत्रता को वास्तविक भूमि अभी भी नहीं मिल सकी है। इस पुस्तक का मात्र उद्देश्य यह है कि नारियों को उनके अधिकारों समाज में नारियों को जितने भी अधिकार प्राप्त हैं, जैसे कानूनी, धार्मिक, सामाजिक, व्यावसायिक, पारिवारिक, भावनात्मक, वैवाहिक, राजनीतिक, सौन्दर्य व काम-काजी महिलाओं के अधिकार आदि हैं तथा उनके प्रयोग सम्बन्धी व्यावहारिक जानकारी देकर उनमें नई जागृति लाई जाए, क्योंकि समाज तभी तरक्की कर सकता है जब नारियाँ जाग्रत होंगी और उन्हें अपने अधिकारों के प्रयोग व दुरुपयोग की जानकारी होगी, ऐसा हमारा विश्वास है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45085306060990,"sku":null,"price":716.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/mahilaonkekanoonidhrmik_samajikadhikar.jpg?v=1747127098"},{"product_id":"shikshakon-ke-kaksha-shikshan-vyavhar-ka-tulanatmak-adhyayan","title":"Shikshakon Ke Kaksha Shikshan Vyavhar Ka Tulanatmak Adhyayan","description":"\u003cp\u003eAuthor : Chandrabhushan Singh\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107142688958,"sku":null,"price":236.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/shikshkonkekashashikshan.jpg?v=1748241228"},{"product_id":"anganbari-deepika","title":"Anganbari Deepika","description":"","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107146653886,"sku":null,"price":316.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/AnganbadiDeepika.jpg?v=1748241632"},{"product_id":"school-readiness-programe","title":"School Readiness Programme","description":"\u003cp\u003eयह हमारा दुर्भाग्य है कि स्वतंत्रता-प्राप्ति के इतने वर्ष बीत जाने पर आज भी हम सैद्धांतिक शिक्षा देकर बच्चों से उनका बचपन छीन रहे हैं। लेखिका ने अपने अथक प्रयास से यह बात हमारे सम्मुख पुस्तक के माध्यम से रखी है कि किस प्रकार बालक को शिक्षा पाने के लिए स्वत: तैयार करें। बड़ी-बड़ी योजना कागज पर प्रस्तुत करने से नहीं, उन्हें क्रियात्मक जामा पहनाने से ही हम अपने उद्देश्यों की प्राप्ति कर सकते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइस पुस्तक में मूल रूप से पूर्व प्राथमिक शिक्षा के समुचित कार्यान्वयन पर बल दिया गया है ताकि बच्चों की पढ़ाई के प्रति रुचि जागृत हो जाए। पढ़ाई के प्रति रुचि जागृत हो जाने पर शिक्षा बाधित होने का प्रश्न ही नहीं उठता। आशा है शिक्षा जगत के महारथी, अभिभावक, शिक्षक सभी इस पुस्तक में दिए गए सुझावों को नौनिहालों को शिक्षित करने में उपयोग करेंगे और उनके स्वप्नों को साकार करेंगे।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107156713662,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/SchoolReadinessProgramme.jpg?v=1748242030"},{"product_id":"parent-guide-book","title":"Parent Guide Book","description":"\u003cp\u003e'पेरेन्ट गाइड बुक' लेखिका के एक सफल मनोवैज्ञानिक एवं शिक्षाविद् होने का प्रमाण है, जिसने इस पुस्तक को बहुपयोगी बना दिया है। एक मनोवैज्ञानिक होने के कारण अपने अनुभवों के आधार पर मैंने यह महसूस किया है कि माता-पिता को एक 'अच्छे माता-पिता' बनकर बच्चों को पालने का प्रशिक्षण बहुत आवश्यक हो गया है। यह एक स्वस्थ व्यक्तित्व, स्वस्थ समाज एवं स्वस्थ राष्ट्र-निर्माण के लिए मूल-आधार है। लेखिका ने बड़े ही सरल शब्दों में अपनी अनोखी लेखन-शैली से इस उत्तरदायित्व का निर्वाह किया है।'\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107163660478,"sku":null,"price":316.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/parentguidebookNEW.jpg?v=1748242240"},{"product_id":"vriddho-ke-adhikar-aashrya-sthal-avem-swashth","title":"Vriddho Ke Adhikar : Aashrya Sthal Avem Swashth","description":"\u003cp\u003eवृद्धावस्था में शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहे, यह पहली आवश्यकता है। स्वस्थ रहने के सहजसाध्य उपायों को इस पुस्तक में दिया गया है। सिमटते परिवारों व संवेदनशीलता की कमी के कारण कई वृद्धों को एकाकी जीवन व्यतीत करना पड़ता है। इसलिए पूरे भारत में स्थित वृद्धाश्रमों की जानकारी कहाँ से की जा सकती है, यह वर्णित है। वृद्धों के कानूनी व सामाजिक अधिकारों का वर्णन है। उनके बच्चे उनकी देखभाल तथा भरण-पोषण के लिए कानूनी रूप से बाध्य हैं। जिनके बच्चे नहीं हैं और उन्होंने अपनी सम्पत्ति का उत्तराधिकारी जिसको बनाया है, उसका भी उस बुजुर्ग की देखभाल के लिए नैतिक व कानूनी दायित्व है। बुजुर्गों के लिए अनेक सरकारी नीतियाँ, सुविधाएँ व रियायतें हैं। उनका वर्णन तथा नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम-2007 भी दिया गया है, जिसके अन्तर्गत बच्चों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने माता-पिता, दादी-बाबा व नाना-नानी की देखभाल करें।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default 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होता है, जो उस राष्ट्र की आकांक्षा, आदर्श व मूल्यों का प्रतिनिधित्व करती है। शिक्षा प्रबंधन की संरचना भी तद्नुसार ही तय होती है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107196854462,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/shaikshikprabandhanNEW.jpg?v=1748244068"},{"product_id":"apne-bachchon-ko-pahchaniye","title":"Apne Bachchon Ko Pahchaniye","description":"\u003cp\u003eAuthor : Yudhisthar Kumar\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107200098494,"sku":null,"price":240.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/ApneBachchonKoPehchaniye.jpg?v=1748244401"},{"product_id":"balak-ka-bhav-vikas","title":"Balak Ka Bhav-Vikas","description":"","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default 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उन्नति, समृद्धि तथा विकास पर बल देने की वकालत इस पुस्तक के माध्यम से की है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107215990974,"sku":null,"price":360.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/ParivaarKoSukhiSamridh.jpg?v=1748245467"},{"product_id":"parivarik-rishton-mein-mitrata-ka-mahetav","title":"Parivarik Rishton Mein Mitrata ka Mahatva","description":"\u003cp\u003eकुछ लोगों के बहुत से मित्र होते हैं और कुछ लोगों के पास गिने-चुने ही मित्र होते हैं। ढेर सारे मित्रों की अपेक्षा गिने-चुने सच्चे और ईमानदार मित्र ही व्यक्ति के भले के लिए सही होते हैं। पति-पत्नी, माता-पिता, भाई- बहन, भाई-भाई आदि रिश्तों में यदि मित्रता का भी प्रवेश हो जाए तो मैं दावे के साथ कहता हूँ कि आपस में कोई किसी का शत्रु ही न बने, बदले की भावना लोग मन में न पालें और सभी संबंधों में गंगाजल की तरह बहाव आ जाए और कोई बाधा ही न हो। मानवीय प्रेम और अंतरंगता के रहस्यों को उजागर करने वाली यह पुस्तक हर व्यक्ति के जीवन को समृद्ध तथा प्रभावशाली बनाने में सक्षम साबित होगी। इस पुस्तक में प्यार करने के तरीकों को नये ढंग से जादुई अंदाज में परोसा गया है। संभावनापूर्ण चिंतन तथा सत्यता का अद्भुत संयोग भी है। एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका तथा जीवन- संगिनी भी यह पुस्तक साबित होगी। आप सब जरा पढ़ कर तो देखें।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107221954750,"sku":null,"price":476.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/ParivarikRishtonMeinMitrataKaMahatva.jpg?v=1748245798"},{"product_id":"parivarik-samasyayen","title":"Parivarik Samasyaein","description":"\u003cp\u003eAuthor : Savitri Devi Verma\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default 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नाम रोशन कर सबका मान बढ़ाएँ, इसके लिए सबसे पहले अभिभावकों को आदर्श बनने की जरूरत है। हर घर में आदर्श अभिभावक होंगे तो फिर बालक भी आदर्श होंगे, इसमें कोई शक नहीं है। बड़ों को सम्मान, आदर, पर्याप्त देखभाल जो बालक करते हैं, वहाँ सुख, शांति और समृद्धि में कोई अभाव कभी नहीं होता है, इसके साथ ही वहाँ आने वाली पीढ़ी भी होनहार और प्रगति करने वाली होती है। आजकल हर परिवार में नैतिकता का घोर अभाव है। बालकों को न तो घर की तरफ से नैतिक ज्ञान प्राप्त होता है और न ही शिक्षकों की तरफ से ही प्राप्त होता है, यही कारण है कि बालकों की नजर में नैतिक ताकत का कोई महत्त्व नहीं रह गया है। प्रस्तुत पुस्तक बालकों को आदर्श और होनहार बनाने में आपकी मदद करेगी।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107304628414,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/bachchonkiparvarishkareneke.jpg?v=1753770930"},{"product_id":"kya-badon-se-ghar-kharab-hota-hai","title":"Kya Badon 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Title","offer_id":45107311018174,"sku":null,"price":476.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/AadmiKyonKartaHaiAtmahatya.jpg?v=1748249386"},{"product_id":"bachche-kyon-bigadte-hai","title":"Bachche Kyun Bigadte Hain","description":"\u003cp\u003eबाल-मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि बच्चों को कभी भी हल्के नहीं लेना चाहिए। बच्चों पर अपनी इच्छाएँ, अपनी पसंद और अपने विचार जब अभिभावक थोपने की कोशिश करने लगते हैं तो बच्चे उनसे जी चुराने लगते हैं, उनके सामने आने से कतराने लगते हैं और जैसे-जैसे बड़े होते हैं, वैसे-वैसे उनसे नफरत करने लगते हैं। \u003cbr\u003e\u003cbr\u003eबच्चों की पसंद को समझकर उनको चीजे मुहैया करवाएँ ताकि वे उन्हें इस्तेमाल कर सकें। जब बच्चों के आदर्श उनके मम्मी-पापा नशेड़ी हैं, झूठे हैं और चरित्रहीन हैं तो फिर बच्चों को बिगड़ने से वे कैसे रोक सकते हैं और वे राकेंगे तो बच्चों के मुख से सुनेंगे कि तुम क्यों पी रहे हो? आजकल बच्चों को सबसे ज्यादा स्मार्ट फोन बिगाड़ रहा है, इसके बाद नशा बिगाड़ रहा है, फिर माडर्न विचारों वाले मम्मी-पापा के रोमांटिक और अमर्यादित रिलेशनशिप भी बच्चों को बिगाड़ रहा है।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003eबच्चों के सामने झूठ बोलोगे तो बच्चा तो झूठ बोलना सीखेगा ही। अतः सबसे पहले स्वयं को अनुशासित करें, झूठ बोलना बंद करें, बेईमानी करना छोड़े और अपने उसूलों का पालन करना शुरू कर दें ताकि बच्चे आपकी नकल करें तो स्वाभाविभक रूप से उनमें वे उपरोक्त अच्छाइयाँ उत्पन्न हो जाएं। \u003cbr\u003e\u003cbr\u003eपुस्तक में बच्चों के बिगड़ने के कारण और उनके समाधान सरल भाषा-शैली में दिए गये हैं ताकि उनपर अमल कर अपने बच्चों को बिगड़ने के बजाय उनका भविष्य संवारे।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107316883646,"sku":"","price":476.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/BachcheKyonBigartehain.jpg?v=1748249662"},{"product_id":"sukhad-jeevan-ke-50-rahsya","title":"Sukhad Jeevan ke 50 Rahsya","description":"\u003cp\u003eजीवन के सारे दोषों को मिटाकर जीवन को निर्दोष और बहुमूल्यवान आप तभी बना सकते हैं जब आपमें अनुकूल व अपेक्षित दक्षताएं हों। शिक्षा अपनी जगह पर है। एक सुशिक्षित व्यक्ति बढ़िया जॉब प्राप्त कर सकता है लेकिन उस जॉब को कब तक वह कर सकता है यह कहना मुश्किल है। शिक्षा के साथ अगर नैतिक शिक्षा मिल जाए तब व्यक्ति को शिखर पर पहुंचने में से कोई नहीं राक सकता है। 'सुखद जीवन के लिए 50 रहस्य' आपको नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाने के लिए काफी हैं।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107318456510,"sku":null,"price":476.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/SukhadJeevanKe50Rahasya.jpg?v=1748249852"},{"product_id":"modern-family-ki-problems","title":"Modern Family Ki Problems","description":"\u003cp\u003eआधुनिक समाज यदि सबसे अधिक परेशान और दुःखी है तो उसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार भी है। आज संयुक्त परिवार न के बराबर ही हैं और एकल परिवार गाँवों में भी और शहरों में भी पर्याप्त संख्या में हैं। एकल परिवार में पति, पत्नी और बच्चे ही होते हैं। एकल परिवार में समस्या-ही-समस्या है, इसके सिवा और कुछ भी नहीं है। एकल परिवार में पलने-बढ़ने वाले बच्चे न तो रिश्तों को जानते हैं, न ही नैतिकता का ज्ञान प्राप्त कर पाते हैं, न ही मर्यादा का अर्थ समझते हैं और न ही शोरगुल और भीड़भाड़ को ही बर्दाश्त कर पाते हैं जिससे उनमें बर्दाश्त करने की क्षमता का अभाव हो जाता है। वे चिड़चिड़े और गुस्सैल प्रवृति के हो जाते हैं। बच्चे इतनी सुविधाओं में रहकर पढ़ रहे हैं और जब बड़े होते हैं और पढ़-लिखकर पैसा कमाने लगते हैं तब माता-पिता से भर मुँह बात नहीं करते और कुछ कहने या पूछने पर उलटे ही जवाब देते हैं। आज की सबसे बड़ी समस्या बिगड़ैल बच्चों से निपटना है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअब सवाल यह उठता है कि बच्चों का इतना बद्तमीज किसने बनाया है। बच्चों को आधुनिक व्यवस्था, आवश्यकता से अधिक मिली आजादी तथा माता-पिता का असीम लाड़-प्यार ही उदंड और बद्तमीज बना रहा है। बच्चों को आपका अतिरिक्त प्यार बिगाड़ता है और उन्हें कर्त्तव्यनिष्ठ, मेहनती, ईमानदार तथा तमीज में रहकर बात करने वाला बनाना है तो इस पुस्तक का पठन करें जिसमें बच्चों के प्रति अपने कर्त्तव्यों का निर्वाह कैसे करना है आदि सभी तरीके बताये गए हैं ताकि बच्चे कर्त्तव्यनिष्ठ, मेहनती तथा ईमानदार बनकर आपका नाम रोशन कर सकें।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107319603390,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/ModernFamilykiProblems.jpg?v=1748250116"},{"product_id":"gharelu-vivad-samsyien-aur-samadhaan","title":"Gharelu Vivad : Samsyien Aur Samadhaan","description":"\u003cp\u003eछोटी या बड़ी बातों को लेकर घर के सदस्यों में परस्पर मतभेद होता ही रहता है। जिन घरों में बड़े बुजुर्ग होते हैं, समझा-बुझाकर सुलह करवा देते हैं लेकिन जिन घरों में बड़े बुजुर्ग नहीं होते हैं या उनकी कोई नहीं सुनता, उन घरों में छोटी-छोटी बातें ही एक दिन विवाद का कारण बन जाती हैं और यह विवाद जब लम्बे समय तक चलता ही रहता है तब धीरे-धीरे संबंध इतने खराब हो जाते हैं कि घर को टूटते देर नहीं लगती हैं। विवाद प्रॉपर्टी को लेकर हो, संबंधों को लेकर हो, काम को लेकर हो, आदतों को लेकर हो या फि़र व्यवहार को लेकर हो आपस की दूरियों को बढ़ाता है। घरेलू विवाद का क्या है सही समाधाान? इस विषय को धयान में रख यह पुस्तक लिखी गई है। आप इसे पढ़ें और अपना जीवन विवाद-मुक्त बनाएं।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107322257598,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/ghareluviviadaursamasyen.jpg?v=1748250380"},{"product_id":"parivarik-aur-apsi-vivad-samsyaein-aur-samadhan","title":"Parivarik Aur Apsi Vivad Samsyaein Aur Samadhan","description":"\u003cp\u003eजीवन अनमोल है, इसकी कद्र करना जरूरी है। किसी भी तरह की समस्या से निजात पाने के लिए परस्पर प्रेम करने की आवश्यकता होती है। प्रेम सब के अंदर ही होता है, सब में संभावनाएँ होती हैं और सब में ही विवादों से दूर रहने की इच्छा होती है, लेकिन समस्याओं का सामना करते-करते व्यक्ति कब क्रोधित हो जाता है और उससे अनजाने में ही अपराध हो जाता है, उसे पता ही नहीं चलता। इसीलिए स्वयं पर नियंत्रण रखने की जरूरत होती है। जिनका स्वयं पर नियंत्रण होता है, उन्हें कोई भी समस्या परेशान नहीं करती है और वे हर समस्या का हल देर-सवेर ढूँढ़ ही लेते हैं। पारिवारिक और आपसी विवाद व्यक्ति को आजकल तोड़ते जा रहे हैं, उनसे निजात कैसे पाया जा सकता है, प्रस्तुत पुस्तक में इसका विधिवत उल्लेख है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107339100350,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/ParivarikAurApasiVivad.jpg?v=1748251976"},{"product_id":"apna-vivah-bachayein","title":"Apna Vivaah Bachayein","description":"\u003cp\u003e\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107360006334,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/ApnaVivahBachayen.jpg?v=1748252541"},{"product_id":"happy-married-life-ke-anmol-sawal-jawab","title":"Happy Married Life Ke Anmol Sawal Jawab","description":"\u003cp\u003eमैरिड लाइफ को सभी हसीन, सुन्दर, आकर्षक, मनभावन और सफल बनाने की कोशिश निरंतर करते रहते हैं लेकिन जाने क्या कारण है कि अधिकांश व्यक्ति इस मामले में पीछे ही रह जाते हैं ? यही तो समझने वाली बात है। लाइफ में पैसा हो, सकारात्मक सोच हो, रोमांस हो, प्यार हो और उचित मात्रा में शारीरिक मिलन हो तो विवाह को एक खूबसूरत मोड़ दिया जा सकता है। मैंने यह पूरी कोशिश की है कि यह पुस्तक मैरिड लाइफ से जुड़ी हर समस्या का समाधान ढूंढ निकालने में पूर्णतः सक्षम हो। पुस्तक आपके हाथ में है, पढ़ें और जीवन को सुधारें।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107362627774,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/HappyMarriedLife.jpg?v=1748252886"},{"product_id":"talak-se-bachne-ke-tareeke","title":"Talak Se Bachne ke Tarike","description":"\u003cp\u003eवैवाहिक जीवन को सुखद बनाना चाहते हैं, तलाक से ताउम्र बचे रहना चाहते हैं और जीवन को सहज, सुन्दर तथा पवित्र बनाए रखना चाहते हैं तो अपने आपको सहज और वैचारिक रूप से समृद्ध बनाना होगा। जो पति-पत्नी ईर्ष्यालु प्रवृति के नहीं होते हैं और जो दूसरों के दर्द को अपने दर्द की तरह समझते हैं, उनका कभी भी किसी से मतभेद नहीं होता है। अपने जीवन साथी से प्रेम करें, उससे घृणा न करें, उसकी सुनें और हमेशा कुछ अच्छा महसूस करें। जीवन को उलझनें मत दें। झूठ न बोलें, अपने स्वार्थ के लिए दूसरों का नुकसान न करें। तलाक से बचने के लिए इतना बहुत है। जो लोग अच्छे होते हैं, उनके साथ हमेशा अच्छा ही होता है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107372982462,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/TalaakSeBachneKeTarike.jpg?v=1748253513"},{"product_id":"right-person-se-kahein-dil-ki-baat-1","title":"Right Person Se Kahein Dil Ki Baat","description":"\u003cp\u003eसमस्या जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। व्यक्ति समस्या से अपने आपको सुरक्षित नहीं रख सकता है। अधिकांश व्यक्ति समस्या छोटी हो या बड़ी उसे स्वयं तक ही सीमित रखना चाहते हैं। विद्या खर्च करने से बढ़ती है तो समस्या बताने से घटती है। समस्या को मन की डोर से बांधा जाता है तो वह विकराल रूप धारण करती चली जाती है। बहुत-सी ऐसी समस्याएं होती हैं, जो अपनों द्वारा उत्पन्न हुई होती हैं, जिससे वे बहुत ही खास और व्यक्तिगत होती हैं। ऐसी समस्याओं को व्यक्ति सबके साथ शेयर नहीं कर पाता। इसके लिए उसे राइट पर्सन की तलाश होती है, जो बुद्धिमान, सकारात्मक बुद्धिवाला, भावनात्मक क्षमतावाला तथा समस्या को अपने तक ही सीमित रखने वाला हो।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसुझाव भी ऐसा दे कि समस्या का निदान भी हो जाए और किसी का अहित भी न हो। राइट पर्सन की तलाश इस समय हर व्यक्ति को है क्योंकि सिर रखकर रोने के लिए विश्वसनीय कंधों की जरूरत होती है। सबके सामने आदमी कितनी भी मुसीबत में हो रो नहीं सकता। वैसे भी सबके सामने अपना दुखड़ा रोना भी नहीं चाहिए। समस्या का समाधान भी नहीं होता है और आदमी सामने वालों के सामने कमजोर भी पड़ जाता है। यह पुस्तक पाठकों के लिए एक 'राइट पर्सन' साबित होगी और उनके दिल की बात का हल भी ढूंढ़ निकालने में कामयाब होगी।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107377143998,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/RightPersonSeKahenDilKiBaat_d18c71de-a00c-41bc-9268-05d2e5b17ed4.jpg?v=1748254522"},{"product_id":"ghar-se-bhagta-kyon-hai-bachcha","title":"Ghar Se Bhagta Kyon Hai Bachcha","description":"\u003cp\u003eघर से भागता क्यों है बच्चा?' यह जानना तो सभी चाहते हैं, पर स्वयं के भीतर कभी भी झांकने की कोशिश नहीं करते हैं। बच्चा हमेशा घर के बिगड़े माहौल के कारण आत्महत्या करता है या घर से भागता है। और घर का माहौल आखिर बिगाड़ता कौन हैं, पैरेंट्स ही तो बिगाड़ते हैं। पैरेंट्स घर का माहौल ही नहीं बिगाड़ते हैं बल्कि बच्चों को भी वही बिगाड़ते हैं। सही ढंग से बच्चों को एजुकेट नहीं किया जाता है तो नाजुक हालातों में दूसरों का नहीं बल्कि अपना ही नुकसान करते हैं, यह कैसे इस पुस्तक को पढ़ेंगे तो आप स्वयं ही जान जाएंगे।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107379798206,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/GharSeKyonBhagtaHaiBachcha.jpg?v=1748254989"},{"product_id":"apna-vivah-banayen-haseen","title":"Apna Vivaah Banayein Haseen","description":"\u003cp\u003eत्याग, समझौता, विचारों में समानता - ये तीन शब्द जब व्यक्ति के जीवन में होते हैं, इनका अर्थ जब व्यक्ति अच्छी तरह से जानता है तब वह विवाह के महत्व और उसकी सार्थकता को भी बखूबी जानता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eविवाह सुखद, सहज व खुशहाल जीवन के लिए जरूरी ही नहीं अनिवार्य भी है। जो लोग समझौतावादी होते हैं, उनका विवाह सदा ही हसीन, जवां और सबके लिए ही प्रेरणास्रोत होता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eआप विवाह को कैसे हसीन, जवां तथा आकर्षक ताउम्र बनाए रख सकते हैं, मैंने प्रस्तुत पुस्तक में यही बताने की कोशिश की है। मेरे सुझाव आपको कितने अच्छे लगे, अपनी प्रतिक्रिया से अवगत कराने का कष्ट अवश्य कीजिएगा।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107389726910,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/ApnaVivahBanayeHaseen.jpg?v=1748255199"},{"product_id":"aadmi-boodha-hona-nahi-chahta","title":"Aadmi Budha Hona Nahi Chahta","description":"\u003cp\u003eबाल जरा-सा सफेद दिखा नहीं कि आदमी घबरा जाता है, चिंतित हो जाता है, वह दूसरों से पूछने लगता है कि देखना, और भी कहीं बाल सफेद तो नहीं हुए हैं? इससे साफ जाहिर हो जाता है कि आदमी कभी भी बुड्ढा होना नहीं चाहता। बालों को रंगना, स्किन पर तरह-तरह के लोशन लगाना, फेशियल करवाना आदि सब उपाय बुढ़ापे से बचने के लिए आदमी करता है, लेकिन बुढ़ापा आदमी का पीछा कहां छोड़ता है? हां, एक उपाय है, जो बुढ़ापे के भय से आपको मुक्त कर सकता है और वह उपाय इस पुस्तक में है, पढ़ें तथा बुढ़ापे से बचने का उपाय जानें।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107414761662,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/aadmi-buda-nahi-hona.jpg?v=1766562044"},{"product_id":"vaivahik-jeevan-ko-sukhi-kaise-banayein","title":"Vaivahik Jeevan Ko Sukhi Kaise Banayein","description":"\u003cp\u003eयह तो स्पष्ट है कि गृहस्थ जीवन भी एक तपस्या है। यदि प्रव्रज्या लेकर सन्यासी बनकर जीवन यापन करना कष्टकर है तो घर के सुख लेते हुए गृहस्थी का जीवन बिताना भी सरल नहीं। आज नई पीढ़ी आधुनिक पश्चिमी वैश्वीकरण की आँधी में डिवोर्स, तलाक और लिव इन रिलेशनशिप जैसे गड्ढों में गिर रही है। जब तक उसे होश आती है, बहुत देर हो चुकी होती है। विवाहित जीवन इंसान को बहुत सुकून, राहत और खुशियाँ तब देता है जब उसका प्रबंधन सही ढंग से किया जाये। भगवान बुद्ध ने सम्यक का सिद्धान्त दिया था। वही प्रबंधन की जान होती है। कैसे? इस बात को ही समझाने के लिये ‘जातक’ की रचना हुई थी। इसमें 547 कहानियाँ हैं जिनमें उदाहरण देकर सम्यक का इस्तेमाल दिखाया गया है। वहीं से मियाँ बीबी और परिवार से ताल्लुक रखने वाली अट्ठकथाओं का चुनाव किया गया है। नैतिक दायित्व समझते हुए इस पुस्तक की रचना की गई है ताकि व्यक्ति वैवाहिक जीवन को सुखी बनाकर अपना जीवन खुशहालीपूर्वक जी सके।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45107427410110,"sku":null,"price":280.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/vaivahikjeevan.jpg?v=1748257350"},{"product_id":"sukhi-safal-jivan-keise-jiyen","title":"Sukhi-Safal Jivan Kaise Jiyen","description":"\u003cp\u003eप्रत्येक व्यक्त्ति अपने जीवन में सुख आऔर सफलता प्राप्त करना चाहता है। परन्तु य जीवन में निश्चय ही प्राप्त होंगे यह दावा कोई नहीं कर सकता। यदि काई सुखी और सफल जीवन जीना चाहता है ता अन्य कलाओं क समान ही जीवन जीने की कला को सीखना अनिवार्य है। उत्तम जीवन जीने की कला सीखने के लिए जीवन के तीन पहलुओं पर विचार करना होगा-पहला स्वयं व्यक्ति को समझना, दूसरा बाहरी संसार का समझना, और तीसरा इन दानों के सम्बन्ध को समझना । इस पुस्तक में कुछ ऐसे सिद्धांत बताए गए हैं जो जीवन के इन तीनों पहलुओं पर प्रकाश डालत हैं। इन सिद्धांतों का ज्ञान प्राप्त करने के पश्चात जीवन में इनका अभ्यास करना आवश्यक है। शास्त्रों में वर्णित प्राचीन ऋषियों के ज्ञान का यह संक्षिप्त रूप जीवन में निश्चय ही सुख एवं सफलता प्राप्त कराने में सहायक सिद्ध होगा।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default 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Major aspects covered in this book include the understanding counselling psychology: elements and dimensions of educational psychology; role and scope of educational counselling: and process, goals and skills of counselling. Focus lies on guidance and counselling psychology: counselling skills in training; and techniques in counselling and guidance.\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45122390491326,"sku":null,"price":636.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/psych-and-councelling.jpg?v=1767001244"},{"product_id":"samajik-prashnottri-1","title":"Samajik Prashnottri","description":"\u003cp\u003eसमाज का हर वर्ग अब धीरे-धीरे यह समझ रहा है कि महिलाओं के सही प्रतिनिधित्व और हिस्सेदारी के बगैर किसी भी क्षेत्र में काम ठीक से और सौहार्द्र के साथ नहीं हो सकता। घरों के अलावा ऑफिस में, बाजार में, एयरपोर्ट में, दुकानों में, खेतों में, शिक्षा-संस्थानों में, और भी कई जगह महिलाओं के होने से न केवल समरसता दिखती है बल्कि अन्य महिलाओं को अपनी बात कहने या अपना काम करने में सहजता का अनुभव होता है। महिलाओं की बढ़ती साक्षरता से और उनमें काम करने की बढ़ती लालसा से आने वाले समय में कई क्षेत्रों में महिलाओं की संख्या निश्चित तौर पर बढ़ेगी। इसी के साथ टूटेगा पुरुषों का एकाधिकार। आने वाले समय में महिलाएँ सेना की सिपाही, इंजीनियरिंग या कुछ और दुष्कर क्षेत्रों में भी अपना स्थान बना लेंगी। अब जरूरत है सभ्य समाज की प्रतीक इन महिलाओं के साथ शालीन व्यवहार की जिससे ये आगे आने वाले समाज को सभ्य व सुसंस्कृत कर सकें।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45463340777662,"sku":null,"price":556.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/SamajikPrashanutari.jpg?v=1759910791"},{"product_id":"bharat-ke-tyohar","title":"Bharat Ke Tyohar","description":"\u003cp\u003eत्यौहार-हमारी सभ्यता और संस्कृति के प्रतीक हैं। शताब्दियों और सहस्त्राब्दियों से वह हमारे सामाजिक जीवन में नव प्रणाओं का सन्देश देते रहे हैं। गत ऐतिहासिक स्मृतियों को जागृत करते हुए वह हमारे पिछले गौरव के मंगलमय मंत्र हमें सिखाते हैं। हिन्दू जाति का जीवन इन व्रतों और उत्सवों से संजोया हुआ है। इनका आरम्भ किसी न किसी समाज-सुधार के पहलू को लेकर हुआ है। भारत धर्मप्राण देश है। इसलिए समाज सुधार की बातों को भी धर्म निष्ठा का स्वरूप देकर हमने अंगीकार किया है। यह अवश्य है कि आज वे उत्सव केवल चिन्ह पूजा अथवा अंध विश्वासों के ढेर बन गए हैं। उनके मूल उद्देश्यों को भुलाकर हम यह मान बैठे हैं कि यह सब ढकोसले या पुरानेपन को दुःखद परिपाटियाँ हैं। परन्तु ऐसा सोचना समाज की दृष्टि से हितकर नहीं है। व्रतों, उत्सवों और जयन्तियों की उपेक्षा करने से हमारा सामाजिक और नागरिक जीवन शुष्क, नीरस और निष्प्राण हो जाएगा। व्रत तो जीवन को प्रशस्त और व्यापक बनाने का मार्ग है। उसकी शक्ति स्वयं मानव है। मानव का विकास ही उसका लक्ष्य है। इसी उद्देश्य को लेकर इस पुस्तक की रचना की गई ताकि समाज का कुछ उपकार हो सके ।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default 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Samasyaein: karan aur Samadhan","description":"\u003cp\u003e72 कविताओं का यह गुलदस्ता है यह पुस्तक। इस पुस्तक में छोटी यानी 3-4 पंक्तियों की कविताएँ भी हैं और दो-दो पृष्ठों की भी हैं जिनमें कथा-कविताएँ भी हैं। कुछ छोटे बच्चों के लिए हैं तो कुछ बड़ों और किशोरों के लिए भी। इनमे बच्चों की सहज कल्पना भी है और सहज जिज्ञासा भी। साथ ही अपने समय से जूझती बालसुलभ मानसिकता भी है। अर्थात विविध रंग हैं इसमें जो सरल-सुबोध भाषा शैली में अनेक चित्रें से सुसज्जित, सुन्दर आवरण तथा बड़े अक्षरों में बड़े साइज में है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default 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