{"title":"Literature","description":"\u003ch6\u003e\u003cem\u003eBuy Hindi literature books online at best prices on atmarambooks.com, featuring classic and contemporary Hindi literary works from a trusted Indian publisher since 1909.\u003c\/em\u003e\u003c\/h6\u003e","products":[{"product_id":"pratinidhi-hasya-kahaniyan","title":"Pratinidhi Hasya Kahaniyan","description":"\u003cp\u003eसंग्रह के लिए कहानियाँ चुनते समय हास्य क्या है और कहानी में हास्य है अथवा नहीं, इसका सही मापदण्ड स्थिर करना आवश्यक हो गया था। इस निर्वाचन में यथाशक्ति उसका पालन किया गया है। प्रस्तुत संकलन की कहानियाँ हिन्दी हास्य के सभी प्रभेदों का यत्किचित् प्रतिनिधित्व कर सकेंगी। प्रतिनिधित्व की बात इस कारण कही जा रही है कि हमने अपनी समझ में सभी आमन्त्रित लेखकों की श्रेष्ठतम रचना ही संग्रहीत की है। संकलन के लिए कहानियाँ आमंत्रित करते समय हमने प्रत्येक लेखक-बन्धु से यह अनुरोध किया था कि अमुक प्रकार की अपनी सर्वश्रेष्ठ रचना संग्रह करने के लिए प्रेषित करें। इन कहानियों के प्रतिनिधित्व में शंका तभी हो सकती है जब लेखक ने स्वयं अपनी कहानी की श्रेष्ठता आँकने में भूल की हो। ऐसी किसी त्रुटि के लिए यद्यपि हम पर कोई दायित्व नहीं आता, फिर भी यदि अनजाने ही अज्ञानता में हमने निर्वाचन में कहीं भूल कर दी हो तो क्षमाप्रार्थी हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eहमें इस बात का विशेष गर्व है कि हिन्दी में इतना बड़ा कहानी-संकलन यह शायद पहला ही है। इतने बड़े संकलन में, जिसमें लेखकों की संख्या 50 के लगभग हो गई है, सभी कहानी एक ही-से स्तर की होंगी, यह सम्भव नहीं हो सकता। फिर श्रेष्ठता और विशेषकर हास्य कहानी का अच्छा लगना तो अपनी व्यक्तिगत रुचि पर ही निर्भर है। हमें आशा है कि प्रत्येक प्रकार की रुचि के पाठकों को अपनी पसन्द की कहानियाँ प्रचुर मात्रा में मिल सकेंगी।संग्रह के लिए कहानियाँ चुनते समय हास्य क्या है और कहानी में हास्य है अथवा नहीं, इसका सही मापदण्ड स्थिर करना आवश्यक हो गया था। इस निर्वाचन में यथाशक्ति उसका पालन किया गया है। प्रस्तुत संकलन की कहानियाँ हिन्दी हास्य के सभी प्रभेदों का यत्किचित् प्रतिनिधित्व कर सकेंगी। प्रतिनिधित्व की बात इस कारण कही जा रही है कि हमने अपनी समझ में सभी आमन्त्रित लेखकों की श्रेष्ठतम रचना ही संग्रहीत की है। संकलन के लिए कहानियाँ आमंत्रित करते समय हमने प्रत्येक लेखक-बन्धु से यह अनुरोध किया था कि अमुक प्रकार की अपनी सर्वश्रेष्ठ रचना संग्रह करने के लिए प्रेषित करें। इन कहानियों के प्रतिनिधित्व में शंका तभी हो सकती है जब लेखक ने स्वयं अपनी कहानी की श्रेष्ठता आँकने में भूल की हो। ऐसी किसी त्रुटि के लिए यद्यपि हम पर कोई दायित्व नहीं आता, फिर भी यदि अनजाने ही अज्ञानता में हमने निर्वाचन में कहीं भूल कर दी हो तो क्षमाप्रार्थी हैं। हमें इस बात का विशेष गर्व है कि हिन्दी में इतना बड़ा कहानी-संकलन यह शायद पहला ही है। इतने बड़े संकलन में, जिसमें लेखकों की संख्या 50 के लगभग हो गई है, सभी कहानी एक ही-से स्तर की होंगी, यह सम्भव नहीं हो सकता। फिर श्रेष्ठता और विशेषकर हास्य कहानी का अच्छा लगना तो अपनी व्यक्तिगत रुचि पर ही निर्भर है। हमें आशा है कि प्रत्येक प्रकार की रुचि के पाठकों को अपनी पसन्द की कहानियाँ प्रचुर मात्रा में मिल सकेंगी।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":44991587713214,"sku":null,"price":796.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/pratinidh-hasya-kahaniyan_24109946-f955-44f6-bc6f-c5c6f3527766.jpg?v=1767424036"},{"product_id":"purano-ki-kahaniyan","title":"Purano Ki Kahaniyan","description":"\u003cp\u003eप्रस्तुत पुस्तक 29 कहानियों का संग्रह है। सभी कहानियाँ पुराणों के विशाल महासागर से ली गई हैं जिनसे गुणों का विकास तथा दुर्गुणों का ह्रास हो सकता है। नैतिक शिक्षा की ये कहानियाँ जो सरल, सुबोध भाषा शैली में हैं बच्चों के चरित्र-निर्माण में सहायक होंगी। प्रत्येक कहानी में चित्र दिये गये हैं ताकि बालक सुगमता से समझ सकें। बड़े आकार की यह सजिल्द पुस्तक है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default 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Title","offer_id":44993482784958,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/ramayan-ki-kahaniyan-1_d9c9e990-2dc8-47ab-a540-f87cd90b53d8.jpg?v=1767424767"},{"product_id":"ramayan-ki-kahaniyan-2","title":"Ramayan Ki Kahaniyan-2","description":"\u003cp\u003eइन कथाओं का आधार आदिकवि वाल्मीकिकृत रामायण भी है और गोस्वामी तुलसीदासकृत रामचरितमानस भी। हमारे देश में जितना प्रचार राम-नाम और रामायण ग्रंथ का है उतना और किसी का नहीं है। राम-चरित, भारत के जन-जन के मानस में बसा हुआ है। उसे बालक-बालिकाओं तक पहुँचाने के लिए रामायण की प्रायः सभी दिलचस्प कहानियाँ बालक-बालिकाओं के लिए सरल, सुबोध भाषा शैली में सुन्दर चित्रें सहित इस पुस्तक में दी गई हैं। बड़े आकार, बड़े अक्षरों की यह सजिल्द पुस्तक है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":44993483997374,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/ramayan-ki-kahaniyan-2.jpg?v=1767424924"},{"product_id":"bal-mahabharat","title":"Bal Mahabharat","description":"\u003cp\u003eमहाभारत एक ऐसा महाकाव्यात्मक ग्रन्थ है, जो मनुष्य को असत्य के मार्ग पर जाने से रोकता है और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यह ग्रन्थ बताता है कि ईष्या, क्रोध और विद्वेष से जीवन को सफल और सुन्दर नहीं बनाया जा सकता। अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। इस ग्रन्थ के कथानक में कौरव-पाण्डवों के पारिवारिक युद्ध के द्वारा अधर्म पर धर्म की विजय को प्रतिष्ठित किया गया है। पारिवारिक कलह से न केवल दो परिवारों का विनाश होता है, अपितु समाज की सारी मर्यादाएँ भी आहत हो जाती हैं। युद्ध से कभी भी किसी समस्या का हल सम्भव नहीं है, यह इस कथा का मूल भाव है। किशोर जीवन को दृष्टि में रखकर इस महान ग्रन्थ के कथानक को सरल भाषा में यहाँ रखने का प्रयास किया गया है। हमें विश्वास है कि यह पुस्तक बालकों का मनोरंजन भी करेगी और उनमें जीवन के प्रमुख आदर्शों को भी स्थान देगी। जीवन को सहज और विकास के मार्ग पर ले जाने में यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":44993544814782,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/bal-mahabharat_74d9c01d-8adb-44ca-9ea3-920e590fc77d.jpg?v=1767593038"},{"product_id":"bal-ganesh","title":"Bal Ganesh","description":"\u003cp\u003eहिंदू धर्म में सिद्धि विनायक एवं विघ्नहरण श्री गणेश जी की पूजा सभी अनुष्ठानों में सर्वप्रथम होती है। गौरीनंदन श्री गणेश संसार के सभी में सर्वश्रेष्ठ हैं और उनके अधीश्वर हैं। वे भगवान शिव के दिव्तीय पुत्र हैं। अपने बुद्धि कौशल से वे अपने बड़े भाई कार्तिकेय से भी अग्रणी हैं। शिव गणों के अहंकार का विनाश करने के लिए ही श्री गणेश का जन्म हुआ था। जन्म के समय गणेश जी सामान्य मानव शिशु की भाँति ही थे। परंतु भगवान शिव का विरोध करने पर उन्हें अपने वास्तविक मानव मुख से वंचित होना पड़ा। अपनी माता के आन-मान और वचन की रक्षा के लिये ही उन्हें अपने पिता शिव का विरोध करना पड़ा था। जिसे निभाने के लिए उन्होंने अपना शीश तक कटवा दिया था। परंतु बाद में विवश होकर भगवान शिव को अपने पुत्र के धड़ पर हाथी का शीश लगाकर जीवित करना पड़ा। इस घटना के उपरांत ही देवताओं ने श्री गणेश की अग्रपूजा का विधान निश्चित किया था। प्रस्तुत पुस्तक में श्री गणेश के बचपन की घटनाओं का आकलन चित्रो सहित किया गणों गया है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":44993827078334,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/bal-ganesh_0f837add-cda9-41a5-b344-1c6e1197bdc4.jpg?v=1767685148"},{"product_id":"bal-hanuman","title":"Bal Hanuman","description":"\u003cp\u003eभारत भूमि अनादि काल से ही पुण्य भूमि मानी जाती रही है, जिसमें अनेकों देवी-देवताओं तथा ऋषियों, संतो, युग-पुरुषों तथा दिव्य महर्षियों का जन्म हुआ है जिससे भारतवासी ही नहीं विदेशों के जनमानस भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके। विश्व में भारत ही एक ऐसी पवित्र भूमि है जिस पर भगवान ने स्वयं ही किसी-न-किसी रूप में अवतार लिया है। कितने ही देवी-देवताओं की अर्चना, वंदना एवं पूजा होती रही है तथा अभी भी होती है। कुछ विभूतियाँ इस धरती पर अनेक वर्षों के पश्चात् लुप्त हो गईं तथा कुछ की अर्चना कुछ ही समय तक रही परन्तु कुछेक विभूतियाँ ऐसी भी थीं जो एक बार भारत की पुण्य भूमि पर प्रकट होने के पश्चात् जन-मानस के ह्रदय पर इस प्रकार छा गई कि उनकी अर्चना-वंदना दिनोंदिन बढ़ती ही गई तथा आज भी इनकी पूजा भारत तो क्या विदेशों में भी विद्यमान है। हनुमान जी की गणना इन्हीं में की जा सकती है। वे आज कोटि-कोटि भक्तजनों के ह्रदय-स्थलों में निरंतर विद्यमान हैं। हनुमान का चरित्र तथा उनकी वीर गाथाएँ तथा अन्य विशेषताओं का वर्णन कल्पों तक भी नहीं लिखा जा सकता। हनुममान जी के जीवन की पूरी झाँकी प्रस्तुत करने का अकिंचन प्रयास किया गया है। हमें विश्वास है कि हनुमान की विस्तृत व्याख्या की एक संक्षिप्त झाँकी का दर्शन आप यहाँ अवश्य कर पाएँगे।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":44993829044414,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/bal-hanuman_bfe70006-33f9-48f4-9920-b0334c73c472.jpg?v=1767684889"},{"product_id":"bal-bhishm","title":"Bal Bhisham","description":"\u003cp\u003eअपने पिता की प्रसन्नता के लिए गंगापुत्र भीष्म ने जो प्रतिज्ञा की, वह सदा-सदा के लिए इतिहास में अमर हो गई। पितृ-भक्ति का ऐसा महान उदाहरण, विश्व के किसी इतिहास में प्राप्त नहीं होता। वे समुद्र की भाँति विशाल हृदय और प्राचंड सूर्य की भाँति वीर योद्ध थे। वे अत्यंत धर्मपा्राण और नीतिकुशल महान व्यक्ति थे। ऐसे महान व्यक्तित्व को चंद शब्दों में नहीं समेटा जा सकता। उनका जीवन-चरित्र अत्याधिक प्रेरणा देने वाला है। यहाँ उस महामानव के आद्योपांत चरित्र का संक्षिप्त परिचय अत्यंत सरल भाषा में चित्रें सहित दे रहे हैं। इससे पाठकों को श्रेष्ठतम संस्कारों की अनुभूति होगी। पुस्तक को विशेषकर बच्चों को ध्यान में रखकर लिखा गया है। बड़े आकार तथा मोटे अक्षरों में यह पुस्तक सजिल्द 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Kahaniyan","description":"","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45056891257022,"sku":null,"price":316.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/lakhanpur-ka-thanedar.jpg?v=1767177300"},{"product_id":"do-aurtein","title":"Do Auraten","description":"\u003cp\u003eAuthor : Krishna Bihari\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45058099314878,"sku":null,"price":400.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/do-aurtein.jpg?v=1767177111"},{"product_id":"paintees-darwaze","title":"Paintees Darwaze (Anthology of Panjabi Short Stories)","description":"","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default 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हैं। कहीं वे सामाजिकता से ओतप्रोत हैं तो कहीं ऐतिहासिकता से। कहीं वे तथाकथित आधुनिकता पर व्यंग्य से सने हुए हैं तो कहीं पुरानी परम्पराओं पर भी कठोरता से वार करते हैं। उनके माध्यम से कभी तो व्यक्ति मुखर हुआ है और कभी शांत। कहीं पूरा परिवार धड़क उठा है, तो कहीं समूचे समाज के रंग बिखरे और कौंध इस पुस्तक में हिन्दी जगत् के लगभग सभी प्रमुख नाटककारों जैसे डॉ. रामकुमार वर्मा, उपेन्द्रनाथ अश्क, उदयशंकर भट्ट, भगवतीचरण वर्मा, गाविन्दवल्लभ पन्त, विष्णु प्रभाकर इत्यादित के एकांकी संकलित हैं। हमारा विश्वास है कि विविध रंगों की इस प्रस्तुत पुस्तक की उपयोगिता बहुत महत्त्वपूर्ण है क्योंकि इन्हें कम-से-कम साधनों के साथ सरलता से रंगमंच पर, विद्यालयों के समारोहों पर अभिनीत किया जा सकता है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default 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देते हुए कहा कि मेरा वास्तविक नाम 'असद उल्लाह' है, जिसका अर्थ है-'अल्लाह का शेर'। 'असद' का अर्थ है-शेर। शेर शक्तिशाली होता है, जबरदस्त होता है और जंगल का राजा इसीलिए कहलाता है कि वह विजेता भी होता है, इसी तरह 'गालिब' का अर्थ भी शक्तिशाली, ज़बरदस्त और विजेता होता है। मैं तो तब भी अपने क्षेत्र (शायरी) में शक्तिशाली था, आज भी शक्तिशाली हूँ। जीवन के अंतिम दिनों में इस महान् शायर को आर्थिक और शारीरिक दोनों ही संकटों से जूझना पड़ा। 1858 ईस्वी में उन्हें बीमारियों ने इस कदर घेरा कि मरते दम तक वे आज़ाद न हो पाए और आख़िर ऊबकर 15 फरवरी, 1859 की दोपहर को इस दुनिया को अलविदा कह गए।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45060717019326,"sku":null,"price":316.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/mirza-g.jpg?v=1767162689"},{"product_id":"meer-taki-meer-ki-chuninda-shayari","title":"Meer Taki Meer Ki Chuninda Shayari","description":"\u003cp\u003eमीर तकी 'मीर' के विषय में मीर तकी 'मीर' का जन्म सन् 1723 में आगरा के निकट अकबरपुर गाँव में हुआ था। आगरा जनपद के सूफी फकीर मीर अली मुत्तकी की दूसरी पत्नी के पहले पुत्र मुहम्मद तकी (जिन्हें शायरी की दुनिया में 'मीर तकी मीर' के नाम से जाना जाता है) की जन्म तिथि विवादों के घेरे में ही रही है; कुछ लोग उनके जन्म का वर्ष 1723 मानते हैं तो कुछ अंदाज़ा लगाते हुए जन्म-वर्ष 1724 मानते हैं। वैसे, एकदम सही जन्म-वर्ष का लेखा-जोखा कहीं उपलब्ध नहीं है। खुद मीर तकी 'मीर' ने अपनी फारसी पुस्तक 'ज़िक्रे-मीर' में अपना संक्षिप्त-सा परिचय दिया है, उसी से उनका जन्म-वर्ष आँकने का प्रयास किया जाता है। मीर के पूर्वज सऊदी अरब के 'हेजाज़' से भारत आए थे। वे जब दस वर्ष की अल्पायु में थे तभी उनके पिता का देहावसान हो गया। दर्द और ग़म जमा करके उन्हें अपनी शायरी में ढालने वाले शायर का शरीर 20 सितम्बर 1810 (लगभग 87 वर्ष की आयु में) को इस दुनिया की दहलीज़ को हमेशा-हमेशा के लिए अलविदा कह गया, हमसे रुख़्सत हो गया और दुनिया को सौंप गया अपनी शायरी के छह दीवान (शायरी के संकलन), पंद्रह हज़ार से अधिक अरबी भाषा के शे'र तथा 'कुल्लियाते-मीर' में दर्जनों मस्नवियाँ (शायरी की एक किस्म, जिसमें कोई कहानी या उपदेश एक ही वृत्त में होता है और हर शे'र के दोनों मिसे सानुप्रास होते हैं, स्तुतिगान), कसीदे, बासोख़्ता और मर्सिये संकलित हैं।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45060720492734,"sku":null,"price":316.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/meer-taki.jpg?v=1767160979"},{"product_id":"zauq-ki-chuninda-shayari","title":"Zauq Ki Chuninda Shayari","description":"\u003cp\u003eशैख इब्राहिम 'ज़ौक' अपने पिता के इकलौते बेटे थे। बचपन में मुहल्ले के एक अध्याापक हाफिज़ गुलाम रसूल के पास पढ़ने के लिए जाते थे। हाफिज़ जी चूँकि स्वयं शायर थे और मदरसे में शे'रो-शायरी का चर्चा होता रहता था, परिणामस्वरूप बालक इब्राहिम का ध्यान भी इस ओर आकर्षित हुआ। सच कहें तो यहीं से उनके मन-मस्तिष्क में शायरी का अंकुर प्रस्फुटित होने लगा। इसके चलते बालक इब्राहिम ने शे'र कहने शुरू कर दिए। शुरू में छुट-पुट प्रयास किया। फिर दोस्तों की बात मानकर उस समय के एक मशहूर शायर शाह नसीर को अपना उस्ताद बना लिया और अपनी शायरी पर उन्हीं से इस्लाह लेने लगे। लेकिन, यह सिलसिला अधिक न चल सका। उस्ताद की बेरुखी और कपट-व्यवहार से तंग आकर उन्होंने सम्बन्ध विच्छेद कर लिया और फिर आज़ाद रहकर शायरी करने लगे।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअसद-उल्ला खाँ 'ग़ालिब' अर्थात् मिर्ज़ा ग़ालिब के समकालीन रहे। इब्राहिम 'ज़ौक' को कुछ लोग ग़ालिब का प्रतिद्वंद्वी भी मानते हैं। इब्राहिम 'ज़ौक' की काव्य-प्रतिभा का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब वे मात्र 19 वर्ष की किशोरावस्था में थे तो उन्होंने बादशाह अकबर शाह के दरबार में एक कुसीदा सुनाया इसमें फार्सी काव्य में वर्णित समस्त अलंकार तो थे ही, साथ ही विभिन्न विद्याओं की अच्छी जानकारी दर्शाई गई थी। इसके अतिरिक्त इसमें एक ही ज़मीन में 18 विभिन्न भाषाओं में शे'र कहकर शामिल किए गए थे। इस पर उन्हें 'खाकानी-ए-हिन्द' के खिताब से नवाज़ा गया। ज़ौक़ साहब जब तक रहे खूब लिखा और अन्त में 1854 ईस्वी में सत्रह दिन बीमार रहकर इस फानी दुनिया को अलविदा कह गए।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45060723212478,"sku":null,"price":316.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/zauk-ki-chuninda_03d23c95-50e4-4641-868c-b40452ce1eb4.jpg?v=1767160927"},{"product_id":"ahmad-faraz-ki-chuninda-ghazalein","title":"Ahmad Faraz Ki Chuninda Ghazalein","description":"\u003cp\u003eअहमद फ़राज़ का नाम उर्दू के उन शायरों की फेहरिस्त में बड़े अदब (सम्मान-सहित) के साथ दर्ज है, जिन्होंने अपनी शायरी से आम और खास अर्थात विशेष और सामान्य दोनों ही श्रेणियों के लोगों को समान-रूप से प्रभावित किया। फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ के बाद निर्विवाद रूप में अहमद फ़राज़ को उर्दू का सर्वाधिक लोकप्रिय शायर माना जाता है। फ़ैज़ की ही तरह फ़राज़ की शायरी में रूमानी और राजनीतिक धाराएँ एक-दूसरे से घुली-मिली नज़र आती हैं और यही अहमद फ़राज़ की खास पहचान ही है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45060724097214,"sku":null,"price":316.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/ahmad-faraj.jpg?v=1767160190"},{"product_id":"daag-ki-chuninda-shayari","title":"Daag Ki Chuninda Shayari","description":"\u003cp\u003eअपने समय के प्रणय संबंधी नामचीन उर्दू शायरों में दाग का नाम बड़ी इज़्ज़त से लिया जाता है। हर तबके के व्यक्ति को दाग की शायरी चुंबक की मानिंद आकर्षित करती है। उन्हें न केवल प्रभावित करती है बल्कि सुगम-सहज अल्फाज़ की वजह से जुबां पर भी चढ़ी रहती है। लोग उससे नसीहत ही नहीं लेते बल्कि अपने दैनिक व्यवहार में अपनाकर सुकून का भी अनुभव करते हैं। उर्दू लिपि से परिचित न होने के कारण अधिकांश पाठक अकसर उम्दा शायरी से वंचित रह जाते हैं। इस पुस्तक का मकसद है उन पाठकों तक शायरी के मुतल्लिक वह सब मयस्सर कराना, जो वे पढ़ना तो चाहते हैं पर अनुपलब्ध न होने की वजह से पढ़ नहीं पाते। मुश्किल अल्फाज के मानी जानने के लिए पाठक को शब्दकोष न खंगालना पड़े, इस समस्या को ध्यान में रखते हुए ग़ज़ल के साथ ही संभावित अर्थों को भी उन्हीं सफ़हों पर दिया गया है। उम्मीद है कि इससे पाठक दाग की चुनिंदा शायरी का पूरा लुत्फ उठा पाएंगे।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45060731470014,"sku":null,"price":316.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/daag-ki.jpg?v=1767351836"},{"product_id":"urdu-ki-pratinidhi-hasya-kavitayein","title":"Urdu Ki Pratinidhi Hasya Kavitayein","description":"\u003cp\u003eप्रस्तुत संकलन में उर्दू के लगभग सभी प्रमुख हास्य-व्यंग्य कवियों की कविताएँ संकलित हैं। कवियों की कविताओं से पूर्व उनका जीवन परिचय भी पुस्तक में फोटो स्कैच के साथ दिया गया है। प्रस्तुत पुस्तक की इन कविताओं में आप पश्चिमीं सभ्यता, विदेशी राज्य, दम्भी नेताओं, धर्म और समाज के पाखण्डी ठेकेदारों पर व्यंग्य के भरपूर वार पाएँगे। हास्य और व्यंग्य की कविताओं का खज़ाना है यह पुस्तक ।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45060735205566,"sku":null,"price":636.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/urdu-ki-hasya.jpg?v=1767160059"},{"product_id":"dast-e-saba","title":"Dast-e- Saba","description":"\u003cp\u003eAuthor : Faiz Ahmad\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45060738089150,"sku":null,"price":316.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/daste-saba.jpg?v=1767159953"},{"product_id":"khoi-khoi-gandh","title":"Khoi-Khoi Gandh","description":"\u003cp\u003eडॉ. घमंडीलाल अग्रवाल का नाम साहित्यकारों की अग्रगणीय पंक्ति में आता है। मुझे यह कहने में ज़रा भी संकोच नहीं कि डॉ. अग्रवाल के विचारों की भावभूमि अत्यंत उदात्त है। उनका कल्पनालोक न केवल आकाश की असीमता में समाहित है, वरन् समुद्र की गहराइयों से मोती चुनकर लाता है और इस जगत् के अंतर्मन में प्रवेश कर विचारों की ऐसी अभिव्यक्ति करता है कि पाठक भावविभोर हुए बिना नहीं रह सकता ।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eवर्तमान में जहां समाज में चारों तरफ वर्गवाद, जातिवाद, प्रांतीयता, सांप्रदायिकता, भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी का बोलबाला है, वहां डॉ. अग्रवाल आशावादी दृष्टिकोण रखते हैं और सांप्रदायिक सौहार्द, मानव-प्रेम, देश-प्रेम और नैतिकता के गीत गुनते हैं। 'खोई-खोई गंध' गीत-संग्रह में डॉ. घमंडीलाल अग्रवाल के इन भावों की सहज अभिव्यक्ति हुई है। इस संग्रह में विविध रंगों के पुष्प रूपी गीत लेकर 101 मनकों की माला तैयार की गई है। इसका एक-एक मनका जागृति पैदा कर नया जोश व उमंग भरकर दिग्भ्रमित समाज को उचित मार्ग की दिशा प्रदान करता है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45060744118462,"sku":null,"price":476.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/khoi-gui-gandh.jpg?v=1767349198"},{"product_id":"ashk-geet-ban-gaye","title":"Ashk Geet Ban Gaye","description":"\u003cp\u003eश्री राजेन्द्र कुमार मीणा 'राजेन्द्र' की कुछ कवितायें मैंने उनसे सुनीं। श्री राजेन्द्र एक प्रशासनिक अधिकारी हैं, और आश्चर्य की बात है कि अपनी प्रशासनिक सेवाओं में अति व्यस्त रहते हुए भी सौन्दर्य और प्रेम की तथा प्रेम-पीड़ा की जो कवितायें लिखी हैं वैसी मैंने पहले न तो कभी सुनीं और न कभी किसी पत्रिका में पढ़ीं। वे सहज कवि हैं और ऐसा लगता है कि कवितायें उन्होंने नहीं बल्कि उनके भीतर बैठी हुई गहन अनुभूतियों के कारण स्वयं लिख-लिख गई हैं। वे मैथिल कोकिल विद्यापति के आधुनिक रूप में मुझे सदा ही प्रभावित करते रहेंगे और सदा ही याद आते रहेंगे। इस आधुनिक विद्यापति को मेरी हार्दिक शुभ कामनायें।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45060746674366,"sku":null,"price":316.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/ashk-geet-ban-gye_1f0a2617-fe48-4a20-8cff-d3754c0d5b92.jpg?v=1767349144"},{"product_id":"gubar-dekhte-rahe","title":"Gubar Dekhte Rahe","description":"","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default 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