{"title":"Poetry","description":"\u003ch6\u003e\u003cem\u003eExplore a curated collection of Hindi poetry filled with emotion, philosophy, and lyrical beauty. Discover works by legendary poets and contemporary voices.\u003c\/em\u003e\u003c\/h6\u003e","products":[{"product_id":"deshprem-ke-balgeet","title":"Deshprem Ke Balgeet","description":"\u003cp\u003eजिस राष्ट्र का प्रत्येक नागरिक अपने राष्ट्र के लिए सत्यनिष्ठा, कर्मठता और राष्ट्र का स्वाभिमान और सम्मान को ध्यान में रखते हुए अपने कार्य को अंजाम देता है तो वही राष्ट्र विश्व में सूर्य और चाँद जैसा दैदीप्यमान होता है। ‘देश-प्रेम के गीत’ नामक संग्रह में भी ऐसी किशोर, बाल और शिशु कविताओं को समावेश किया गया है जिनसे देश भक्ति की प्रेरणा मिलेगी ही, साथ ही महापुरुषों, वीरों, वीरांगनाओं और राष्ट्र के शहीदों की देशभक्ति का भी ज्ञान मिलेगा। आकर्षक चित्रें से सुसज्जित यह पुस्तक बड़े आकार, मोटे अक्षरों की सजिल्द है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45043407782078,"sku":null,"price":556.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/deshprem-ke-bal-geet.jpg?v=1766736330"},{"product_id":"daag-ki-chuninda-shayari","title":"Daag Ki Chuninda Shayari","description":"\u003cp\u003eअपने समय के प्रणय संबंधी नामचीन उर्दू शायरों में दाग का नाम बड़ी इज़्ज़त से लिया जाता है। हर तबके के व्यक्ति को दाग की शायरी चुंबक की मानिंद आकर्षित करती है। उन्हें न केवल प्रभावित करती है बल्कि सुगम-सहज अल्फाज़ की वजह से जुबां पर भी चढ़ी रहती है। लोग उससे नसीहत ही नहीं लेते बल्कि अपने दैनिक व्यवहार में अपनाकर सुकून का भी अनुभव करते हैं। उर्दू लिपि से परिचित न होने के कारण अधिकांश पाठक अकसर उम्दा शायरी से वंचित रह जाते हैं। इस पुस्तक का मकसद है उन पाठकों तक शायरी के मुतल्लिक वह सब मयस्सर कराना, जो वे पढ़ना तो चाहते हैं पर अनुपलब्ध न होने की वजह से पढ़ नहीं पाते। मुश्किल अल्फाज के मानी जानने के लिए पाठक को शब्दकोष न खंगालना पड़े, इस समस्या को ध्यान में रखते हुए ग़ज़ल के साथ ही संभावित अर्थों को भी उन्हीं सफ़हों पर दिया गया है। उम्मीद है कि इससे पाठक दाग की चुनिंदा शायरी का पूरा लुत्फ उठा पाएंगे।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45060731470014,"sku":null,"price":316.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/daag-ki.jpg?v=1767351836"},{"product_id":"khoi-khoi-gandh","title":"Khoi-Khoi Gandh","description":"\u003cp\u003eडॉ. घमंडीलाल अग्रवाल का नाम साहित्यकारों की अग्रगणीय पंक्ति में आता है। मुझे यह कहने में ज़रा भी संकोच नहीं कि डॉ. अग्रवाल के विचारों की भावभूमि अत्यंत उदात्त है। उनका कल्पनालोक न केवल आकाश की असीमता में समाहित है, वरन् समुद्र की गहराइयों से मोती चुनकर लाता है और इस जगत् के अंतर्मन में प्रवेश कर विचारों की ऐसी अभिव्यक्ति करता है कि पाठक भावविभोर हुए बिना नहीं रह सकता ।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eवर्तमान में जहां समाज में चारों तरफ वर्गवाद, जातिवाद, प्रांतीयता, सांप्रदायिकता, भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी का बोलबाला है, वहां डॉ. अग्रवाल आशावादी दृष्टिकोण रखते हैं और सांप्रदायिक सौहार्द, मानव-प्रेम, देश-प्रेम और नैतिकता के गीत गुनते हैं। 'खोई-खोई गंध' गीत-संग्रह में डॉ. घमंडीलाल अग्रवाल के इन भावों की सहज अभिव्यक्ति हुई है। इस संग्रह में विविध रंगों के पुष्प रूपी गीत लेकर 101 मनकों की माला तैयार की गई है। इसका एक-एक मनका जागृति पैदा कर नया जोश व उमंग भरकर दिग्भ्रमित समाज को उचित मार्ग की दिशा प्रदान करता है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45060744118462,"sku":null,"price":476.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/khoi-gui-gandh.jpg?v=1767349198"},{"product_id":"ashk-geet-ban-gaye","title":"Ashk Geet Ban Gaye","description":"\u003cp\u003eश्री राजेन्द्र कुमार मीणा 'राजेन्द्र' की कुछ कवितायें मैंने उनसे सुनीं। श्री राजेन्द्र एक प्रशासनिक अधिकारी हैं, और आश्चर्य की बात है कि अपनी प्रशासनिक सेवाओं में अति व्यस्त रहते हुए भी सौन्दर्य और प्रेम की तथा प्रेम-पीड़ा की जो कवितायें लिखी हैं वैसी मैंने पहले न तो कभी सुनीं और न कभी किसी पत्रिका में पढ़ीं। वे सहज कवि हैं और ऐसा लगता है कि कवितायें उन्होंने नहीं बल्कि उनके भीतर बैठी हुई गहन अनुभूतियों के कारण स्वयं लिख-लिख गई हैं। वे मैथिल कोकिल विद्यापति के आधुनिक रूप में मुझे सदा ही प्रभावित करते रहेंगे और सदा ही याद आते रहेंगे। इस आधुनिक विद्यापति को मेरी हार्दिक शुभ कामनायें।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45060746674366,"sku":null,"price":316.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/ashk-geet-ban-gye_1f0a2617-fe48-4a20-8cff-d3754c0d5b92.jpg?v=1767349144"},{"product_id":"gubar-dekhte-rahe","title":"Gubar Dekhte Rahe","description":"","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45060749590718,"sku":null,"price":280.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/gubar-dekhte-rahe.jpg?v=1767348613"},{"product_id":"kamroop","title":"Kamroop","description":"\u003cp\u003eAuthor : Firaq Gorakhpuri\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45060754440382,"sku":null,"price":716.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/kamroop_5a870e41-99a7-402c-8c89-044b764702a9.jpg?v=1767348526"},{"product_id":"aabsar-a-ashk","title":"Aabshar-a-Ashk","description":"","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default 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अप्रत्यक्ष होता है वह प्रत्यक्ष से कहीं आकर्षक और कभी-कभी अर्थपूर्ण भी होता है। एक मध्यकालीन कवि का यह कथन पठनीय है-धूप की अपेक्षा चाँदनी क्यों प्रिय होती है क्योंकि धूप सब कुछ खोलकर रख देती है जबकि चाँदनी ऐसा नहीं करती।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eवह रहस्य की चादर में बहुत कुछ समेटे रहती है। यह खुले धूप की आँखमिचौनी प्रस्तुत पुस्तक की कविताएँ-सिसकती खिड़कियाँ और 'शून्य ही पहचान है,' में मिलती है। दृष्टि से अवलोकनीय हैं विशेष कर उस पार की कविता। सूरज के आगोश से ढीली पड़ती धरा क्षितिज पार की एक और सीढी देती है चढ़ा। इसी क्रम में 'एहसास काफी है शीर्षक की कविता भी उल्लेखनीय है- तुम्हारे एहसास के खूबसूरत पल विवश करते हैं गुजर जाने को जीवन के शेष स्वर्णिम पल यह एक सुंदर रहस्यात्मक कुछ रोमांटिक अभिव्यक्ति है। - डॉ. भगवती शरण मिश्र\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45060791533758,"sku":null,"price":240.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/shahzade-sa-shahr.jpg?v=1767348240"},{"product_id":"roop-ka-maykada","title":"Roop Ka Maykada","description":"\u003cp\u003e'सुमन' जी के कई गज़ल संग्रह, दोहा संग्रह, गीत-नवगीत संग्रह मैं पढ़ चुकी हूँ। इन ताजा 'कतयात या मुक्तक संग्रह' में भी हिन्दी के साथ फारसी उर्दू के शब्दों का उन्होंने भरपूर प्रयोग किया है पर दूसरों और 'सुमन' जी में फर्क यह है कि इन्होंने फारसी ग़ज़ल कतयात के मिजाज को कायम रखा है। इस प्रकार उन्होंने दो भाषाओं दो तहजीबों को मिलाने की कोशिश की है इसमें शराबे-हुस्न, सौंदर्य की मदिरा इतनी भरपूर है कि वह छलकती जाती है। उन्होंने इन कतयात में कल्पना की जिन ऊचाईयों को छुआ है वह अछूती हैं। 'सुमन' जी उपमा के बादशाह हैं। उन्होंने भारत में मनाये जाने वाले विभिन्न त्योहारों से संबधित सुन्दर कतयात जिस बाखूबी से पेश किये हैं उनसे उनकी सांस्कृतिक चेतना का परिचय मिलता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e'सुमन' जी उर्दू फारसी और अरबी शब्दों का प्रयोग अपनी ग़ज़लों में, जुमलों में बाखूबी इस तरह करते हैं कि वे अपनी जगह बारीकी और खूबसूरती से बना लेते हैं। इनकी रचनाओं में विभिन्न विषय हैं। जिनमें मुहब्बत की दास्तान और जीवन का जुझारूपन को देखकर प्रेरणादायी बिंदुओं को प्राप्त किया जा सकता है। एक बात और हर उन्वान पर गुज़ल कहना सरल कार्य नहीं है पर फिर भी 'सुमन' अपने लेखन में सफलता प्राप्त कर लेते हैं। ये भावना के महासागर हैं। इसलिए तो इनके गीत, नवगीत और कवितायें उनके कदम से कदम मिला कर चलती हैं, 'सुमन' के बहुत रंग, नूर, रूप हैं, क्या जीवन के रचनाकार हैं! ये तो कबीर के बिरादरी के निकले।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45060793663678,"sku":null,"price":280.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/roop-ka-maykada.jpg?v=1767346357"},{"product_id":"meri-gazlein-mera-pyar","title":"Meri Gazlein Mera Pyar","description":"","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default 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Rise up! O love-incarnate-glory of Everest \u0026amp; The Trial का विवेचन भी है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45060805492926,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/dard-diya-hai.jpg?v=1767345605"},{"product_id":"neeraj-dohavali","title":"Neeraj Dohavali","description":"\u003cp\u003eप्रस्तुत दोहावली में वर्तमान परिवेश-जन्य राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक आदि अनेक विकृतियों को उजागर करने के साथ-साथ श्रृंगारपरक और नीतिपरक दोहों की भी रचनाएँ हैं। इसके अतिरिक्त कुछ महापुरुषों के दोहे और सन्तों की सूक्तियों का अनुवाद भी है। इन सूक्तियों में दिया हुआ संदेश यदि किसी एक भी हारे-थके पाठक में नयी उमंग और नयी स्फूर्ति भरने में सहायक सिद्ध हुआ तो यह इस प्रयास की अन्यतम सफलता होगी ।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default 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को हार्दिक शुभ कामनाएँ देता हूँ। मुझे विश्वास है कि इस खंड - काव्य को हिंदी साहित्य में बड़े आदर व सम्मान के साथ स्वीकार किया जाएगा।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45060816634046,"sku":null,"price":240.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/veidehi_53ad1bf7-6de5-400c-9312-38e5ca3cda0c.jpg?v=1767341680"},{"product_id":"kavyadhara","title":"Kavyadhara","description":"\u003cp\u003eAuthor : Baburam Paliwal\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45060818567358,"sku":null,"price":556.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/kavyadhara_599d7797-d40c-4d1c-aa95-6dba6dda50ac.jpg?v=1767341573"},{"product_id":"vasanti-man","title":"Vasanti Man","description":"","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default 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लगी। माँ-बाप बच्चों पर बोझ होने लगे। कोई नहीं जान पाया कि हम कहाँ पहुँच गए। इस पुस्तक के माध्यम से जीवन के सामान्य मापदंडों को झकझोरने का प्रयास किया है। देश व समाज की आँखों पर बँधी हुई धृतराष्ट्र की पट्टियों को हटाने का प्रयास किया है ताकि कभी आँख खुले तो देख सके कि हमने क्या खोया और क्या पाया। पुस्तिका को रुचिकर बनाने के लिए मन संवेदना को पृथक रूप में प्रस्तुत किया गया है। देश, समाज और परिवारों को समर्पित-संवेदना । - मदन पाण्डेय 'शिखर'\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45064305868990,"sku":null,"price":316.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/rashtra-samvedna.jpg?v=1767340787"},{"product_id":"rashtravir-senani","title":"Rashtravir Senani","description":"","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45064375075006,"sku":null,"price":236.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/rashtraveer-senani.jpg?v=1767349664"},{"product_id":"attharah-sau-sattavan-1857","title":"Atharah Sau Satavan (1857)","description":"\u003cp dir=\"ltr\"\u003e\u003cspan\u003e1857\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eभारत\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eके\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eप्रथम\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eस्वतंत्रता\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eसंग्राम\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eकी\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eज्वाला\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eको\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eसमर्पित\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eएक\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eसशक्त\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eकाव्य\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e-\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eसंग्रह\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eहै।\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eयह\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eसंग्रह\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eअपनी\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eभावपूर्ण\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eकविताओं\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eऔर\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eसजीव\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eचित्रण\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eके\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eमाध्यम\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eसे\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eउन\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eवीरों\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eके\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eसाहस\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e, \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eपीड़ा\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eऔर\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eअदम्य\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eसंकल्प\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eको\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eजीवंत\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eकरता\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eहै\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e, \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eजिन्होंने\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eईस्ट\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eइंडिया\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eकंपनी\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eके\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eविरुद्ध\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eविद्रोह\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eका\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eबिगुल\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eफूंका।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp dir=\"ltr\"\u003e\u003cspan\u003eहर\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eकविता\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eमें\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eअनसुने\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eनायकों\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eकी\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eआवाज़\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e, \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eविद्रोह\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eकी\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eआग\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eऔर\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eस्वतंत्रता\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eकी\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eतीव्र\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eआकांक्षा\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eगूंजती\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eहै।\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eइतिहास\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eऔर\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eभावनाओं\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eका\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eयह\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eअनूठा\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eसंगम\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eकेवल\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eअतीत\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eका\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eस्मरण\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eनहीं\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e, \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eबल्कि\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eअटूट\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eमानव\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e-\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eआत्मा\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eका\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eउत्सव\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eहै।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp dir=\"ltr\"\u003e\u003cspan\u003eउन\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eपाठकों\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eके\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eलिए\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eप्रसिद्ध लेखक राही मासूम रजा एक\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eअमर\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eकृति\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e, \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eजो\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eइतिहास\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eको\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eकेवल\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eपढ़ना\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eनहीं\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e, \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eबल्कि\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eमहसूस\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eकरना\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eचाहते\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eहैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e \u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45064392212670,"sku":null,"price":556.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/1857-a.jpg?v=1767340461"},{"product_id":"sawal-rastra-ka","title":"Sawal Rastra ka","description":"\u003cp\u003eराष्ट्र को समर्पित-एक गीत आज दिल में बसा लेंगे हम, वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्। (1) ज्ञान की जो सुधा इसकी माटी में है, प्रेम की जो हवा इसकी घाटी में है, उसकी लहरें गुंजा देंगे हम, वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम् (2) मत कहो दी प्रभु ने क्या सौगात है, जन्म भारत में होना क्या कम बात है? इसकी महिमा यूँ गा देंगे हम, वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम् (3) गर जो चाहो युवा देश के नेक हों, देशभक्ति के रंग में सभी एक हों, 'अजेय' मन्त्र बता देंगे हम, वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम् ।।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45064402337982,"sku":null,"price":280.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/sawal-rashtra-ka.jpg?v=1767340333"},{"product_id":"sugandhi","title":"Sugandhi","description":"\u003cp\u003e‘मन’ मनुष्य को विधाता की अनुपम भेंट है। वास्तव में मनुष्य की हर रचना मन की सृजनशक्ति का ही परिणाम होती है। मन में विचारों का उठना, नदी में लहरों जैसा स्वाभिवक होता है। इन्हीं विचारों की लयबद्ध प्रस्तुति मुस्तक, दोहा, कविता या गीत-गज़ल का रूप लेती हैं। आशा है इस ‘सुगन्धि’ नामक पुस्तक में प्रकाशित रचनाएँ आपके मन को छुएँगी और आप इस पुस्तक को अपने अमूल्य प्यार से सुशोभित करेंगे।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default 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Title","offer_id":45064419573950,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/tumhare-liye.jpg?v=1767340087"},{"product_id":"ab-har-sham-nirali-hogi","title":"Ab Har Sham Nirali Hogi","description":"\u003cp\u003eकृष्ण कुमार शर्मा ‘रसिक’ की रचनाएँ श्रृगार, विरह, वीरता का परचम लहराती अनेक नव-युवाओं की भावनाओं को प्रोत्साहित करती हुई, सामाजिक व्यवस्थाओं को परिकल्पित करती हुई काव्य रूप में समर्पित एवं प्रचलित हैं। देश और समाज को विषम परिस्थितियों में भी यथार्थ की ओर अग्रसर होने को प्रेरित करती हैं । इन्हीं मूल्यों पर आधारित है यह काव्य-संग्रह ‘अब हर शाम निराली होगी’।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45064456732862,"sku":null,"price":280.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/ab-har-sham.jpg?v=1767339872"},{"product_id":"prem-ka-pyala","title":"Prem Ka Pyala","description":"\u003cp\u003e'प्रेम का प्याला' रसिकजी का एक ऐसा काव्य-संकलन है, जो मिशरी रूपी स्याही से प्रेम पाती लिखकर, प्रेमसागर में गोते लगाता है, तो सावन भी उसमें अंगड़ाई लेने को आतुर हो उठता है। 12 महीने बसंत ऋतु का अनुभव कराने वाली ये कविताएँ कभी काले चितकबरे जैसी गलती हैं तो कभी इन्द्रधनुष सी मन-मोहक तस्वीरें बनाती हुई, अपने हमसफर वे + स्नेह सरोवर में ऐसे गोते लगाते हैं कि उनके यौवन की मादकता ने मानो चौदह भुवनों की सैर कर ली हो। ऐसे में रसिकजी की लेखनी, प्रेम का अनुबंध जीवन के बदले जीवन से करते हुए, कभी न ढलने वाले यौवन की तुलना उस भरे हुए आम की बगिया से करने लगती है, जिसकी मोहक सुगंध से मोहित होकर वे अपना सर्वस्व भूल जाते हैं। प्रेम से दोहों में उन्होंने प्रेम को दुनिया का सर्वोच्च स्थान देकर, सम्पूर्ण विश्व को प्रेम वे+ भव-सागर में गोते लगाने की सलाह देकर, यह बताने की कोशिश की है कि, \"वे+सा होगा वह दिन जिस दिन सारा विश्व प्रेममय हो जाएगा।\" प्रेम वे+ कई रूपों को दर्शाता, प्रेम का यह प्याला आधुनिक समाज के लिए रसिकजी की एक अनुपम भेंट है। रसिकजी को अनेकों शुभकामनाओं सहित ।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45064489664702,"sku":null,"price":280.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/prem-ka-pyala.jpg?v=1767339776"},{"product_id":"lambi-yatra-mein","title":"Lambi Yatra Mein","description":"","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45064496480446,"sku":null,"price":236.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/lambi-yatra-mein.jpg?v=1767339656"},{"product_id":"mera-premgeet-teri-khushbu","title":"Mera Premgeet Teri Khushbu","description":"\u003cp\u003eबारिश की बूँदों में कागज की किश्तियों में संदल की आग में जीवन के राग में मेरा प्रेमगीत तेरी खुशबू। 'मेरा प्रेमगीत तेरी खुशबू'\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eफूलों-सी नाजुक है कली-सी खूबसूरत चाँदनी-सा रूप है सुबह की गुनगुनी धूप है। - 'वो लड़की जिसका नाम है खुशबू'\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसामने जब तुम आती हो बहारों का मौसम आता है मेरा तन-मन जानेमन प्रेम का उपवन हो जाता है। - 'तेरे चेहरे के गुलाब की ये महकती खुशबुएँ'\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eतुम हो हसीन और मैं दीवाना मुझे इश्क़ है तुम्हीं से मेरी जाने जानाँ। - 'खुशबू से तुम महकती रहना'\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eआँखों के आईने में जब तेरी तस्वीर नजर आती है जिंदगी एक खूबसूरत नज़्म हो जाती है। - 'साँसों की सितार पर तुम्हारा प्रेम-संगीत'\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45064503591102,"sku":null,"price":360.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/mera-premgeet.jpg?v=1767339504"},{"product_id":"bhojpuri-lokgitika","title":"Bhojpuri Lokgitika","description":"\u003cp\u003eमॉरिशस के प्रसिद्ध लेखक प्रहलाद रामशरण की माताजी श्रीमती सुन्दरी रामशरण द्वारा संकलित 'भोजपुरी लोकगीतिका' मॉरिशसीय भोजपुरी लोक साहित्य का एक अनमोल ग्रन्थ है। इसमें माता सुन्दरी रामशरण ने पुत्र जन्म पर गाये जाने वाले सोहर के अनेक गीतों से प्रारम्भ किया है, फिर मुंडन, नामकरण, जनेऊ आदि से होते हुए वर-कन्या संवरण, तिलक, मण्डप स्थापन, परछावन, सिन्दूर दान तक के गीतों को बडी लगन से सजोया है। बारात के आगमत्त एवं वर-वधु से सम्बन्धित अनेक गीत हैं जिनकी तुलना में सीता-राम, शिव-पार्वती के विवाहों के भी वर्णन हुए है। डॉ. कुबेर मिश्र ने प्रत्येक गीत का भावार्थ एवं टिप्पणी देकर इन गीतों में चार चाँद लगा दिया है। 'भोजपुरी लोकगीतिका ग्रन्थ में जन्मोत्सव, नामकरण, मुण्डन, जनेऊ हरदी लेपन, विवाह और विदाई के गीत हैं। जन्मोत्सव गीतों में ललना भी है और इन गीतों में ललना शब्द की आवृत्ति होती रहती है। पुत्र के जन्मोत्सव के अवसर पर उल्लास को अभिव्यक्त करने वाले गीतों के कनथ में विविधता होती है। सोहर गीत की रचना शैली अक्सर परंपरा से जुडी रहती है। मागलिक गीतों के अंत में वर-कन्या की विवाहेच्छा, कन्या के पिता द्वास वर ढूँढने की समस्या, तिलक, मण्डप का निर्माण, विवाह, सिन्दूर दान तथा वर की बारात यात्रा आदि का वर्णन होता है। विवाह गीतों में अक्सर शिव, राम और कृष्ण जहाँ वर के प्रतीक होते हैं. वही पार्वती, सीता और राधिका, वधू का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये गीत मॉरिशस के जनजीवन के मानस में प्रचलित उनकी भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं जो विविध अवसरों पर गाये जाते हैं।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45064565751998,"sku":null,"price":316.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/bhojpuri-lok_26471f86-ded0-4fc9-94c6-afcbf042f474.jpg?v=1767597380"},{"product_id":"khushbu-se-bhara-khat","title":"Khushbu Se Bhara Khat","description":"\u003cp\u003eपढ़ लेना आशिक़ी मेरी ख़त यह खोलकर मुहब्बत की खुशबू को साँसों में भर लेना।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e'खुशबू से भरा ख़त' जिंदगी के सहरा में बहार आती है फूलों के लिबास में जब तू मुस्कराती है। 'बहुत खूबसूरत हो तुम मिस खुशबू' हर इक लिबास में सुंदर लगती हो हर इक लमहे को हसीन बनाती हो। - 'खुले बालों में लगती हो अर्श की अप्सरा' लट गालों पर झूमकर लहराती है मुँहासों पर खूबसूरती बिखर जाती है। - 'दिलकश जूड़ेवाली खुशबू' दो नयनों का जादू दिल पर चलाती हो कभी ख़फ़ा होती हो कभी मुस्कराती हो। - 'प्यार-ही-प्यार आता है तुम पर'\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45064590950590,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/khushbu-se-bhara-khat.jpg?v=1767337401"},{"product_id":"tere-naam-ki-khushbu","title":"Tere Naam ki Khushbu","description":"\u003cp\u003eपूछे जो कोई हमसे दिल का हाल क्या है. हम कहते हैं जमाने भर से हर धड़कन से आती है। 'तेरे नाम की खुशबू'\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसूरज धूप के नर्म सिक्के दोनो हाथों से लुटाता है वक्त का हर इक लमहा सज्दे में सिर को झुकाता है। - 'तुम हो ही इतनी खूबसूरत'\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसफेद लिबास में जैसे कोई हंसनी झील में चली आई हो सूरज की पहली किरन जमीन पर उतर आई हो। 'चाँदनी हो तुम या परी कोई आस्माँ की'\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eताजमहल को देखने वाले तेरे दीदार को तरस जाएँगे सामने आओगी जब तुम ईद मनाएँगे। - 'इतनी खूबसूरत मत लगा करो'\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअरमानों के कमरे में चाहत का एक पलंग होगा उमंगों के बिस्तर पर जन्मों का प्यार रखा होगा। - 'दिल के दरवाजे पर लिखा है खुशबू\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45064638234814,"sku":null,"price":476.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/tere-nam-ki-khusbu.jpg?v=1767351744"},{"product_id":"chahat-ki-khushbu","title":"Chahat Ki Khushbu","description":"\u003cp\u003eगीले बालों से बरसती है मोतियों की धारा मन को मोह लेता है फूलों-सा तन तुम्हारा। 'दिलकश मुँहासोंवाली खूबसूरत खुशबू' सितारों की बारात लेकर चाँद रोज आता है देखता है तुम्हें नज़र भर पलकों में बसाता है। 'इतनी खूबसूरत हो तुम खुशबू' गेसुओं की घटाएँ शाने पर लहराती हो पूनम के चाँद-सी खूबसूरत नजर आती हो। 'दिल तेरी खुशबू से हर पल महकता है' मेरी जिंदगी में बहार बनकर आना प्रेम की सुगंध से तन-मन महकाना। 'नयनों के दर्पण में तेरे सौन्दर्य की खुशबू' लाल जोड़े में सज-धजकर चली आओ मेरे घर-आँगन जनम जनम तुमने जी को तरसाया है। 'चाहत की खुशबू'\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45064690827454,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/chahat-ki-khushbu.jpg?v=1767351625"},{"product_id":"meri-pyari-khushbu","title":"Meri Pyari Khushbu","description":"","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45064976072894,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/meri-pyari-khushboo.jpg?v=1767337252"},{"product_id":"tere-pyar-ki-khushbu","title":"Tere Pyar ki Khushbu","description":"\u003cp\u003eभर लेता हूँ जब बाँहों में मोहब्बत की मूरत को मेरी साँसों में घुल जाती है रग रग में समाती है तेरे प्यार की खुशबू। - 'तेरे प्यार की खुशबू' रुख का चाँद जब खिड़की पे नजर आता है रात पूनम की होती है दिल 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सुगंध से। -'तुम-ही-तुम समाई हो दिल की धड़कनों में' गेसुओं की घनी छाँह में चौदहवीं का चाँद जो खिला पलकों के परदे में हमने उसे छिपाया है। - 'मैंने हर पल हर लमहा बस तुम्हें चाहा है' गर्दन को जरा झुकाकर गीले बाल जब सुखाती हो दिल की नाजुक जमीन पर बिजलियाँ गिराती हो। - 'वैसे तुम हो बहुत ही खूबसूरत' जन्मों से प्यासी रूह को तुमसे मिलकर क़रार मिला आपके प्यार में हम रब को पा गये। - 'मर मिटे हैं हम तुम पर'\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45065049440446,"sku":null,"price":360.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/mohabbat-ki-khushboo.jpg?v=1767259961"},{"product_id":"teri-khushboo-se-mahak-jaun-mein","title":"Teri Khushboo se Mahak Jaun Mein","description":"","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default 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दुष्कर्म का आरोप लगा चुकी है मगरमच्छ से ब्रेक-अप कर चुकी है गैंडे संग लिव-इन में रह चुकी है। - 'एसिड अटैक का मुकदमा'\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eहाथी पैसे रखा गया पोरी-सी जो पी ली है यहाँ टॉयलेट करना सख्त मना है और रोकनेवाला है हिन्दुस्तान हमारा\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45065128837310,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/moorkhon-ki-m.jpg?v=1767259567"},{"product_id":"agra-ka-mashhoor-pagalkhana","title":"Agra Ka Mashhoor Pagalkhana","description":"\u003cp\u003e‘आगरा का मशहूर पागलखाना’ में चंद हास्य-व्यंग्य रचनाएँ संकलित हैं ओ आधुनिक मानव की मनोदशा: सिमटते और संकीर्ण होते पारिवारिक –सामाजिक संबंध, बनते-बिगड़ते टूटते-बिखरते वर्चुअल और रीयल लाइफ रिश्ते, स्मार्टफोन, इंटरनेट और सोशल मीडिया का मशीनी मानव के जीवन पर प्रभाव तथा जर, जोरू और जमीन के प्रति उसके सदियों पुराने पागलपन पर प्रकाश डालती हैं। आशा है ये रचनाएँ आपका 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यह बताओ, रस्सी किसने काटी?\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e - 'गाँव की रामलीला' वेटर निर्लज्जता से मुस्कराके बोला पानी नल में नाली का था यह बात एक दम सही है पर यह इलायची है, मक्खी नहीं है।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e- 'दो कटिंग चाय मसका मार के'\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45065188933822,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/pagalon-ka-mohalla_b18d5642-d91d-4a89-ab03-0a151cfb3947.jpg?v=1767257421"},{"product_id":"chura-liya-hai-tumne-jo-dil-ko","title":"Chura Liya Hai Tumne Jo Dil Ko","description":"\u003cp\u003eनजाकत से लेती हो वो काम जो कोई खंजर से न ले अँगड़ाई को उठाकर मर्मरीं बाँहें दिल के टुकड़े हजार करती हो। - 'एक खूबसूरत बला हो तुम' नजरों के तीर चलाकर धड़कनों में आशिकी भर दे इश्क में गिरिफ्तार दिल का काम तमाम कर दे। - 'जो मुझे दीवाना कर दे' उसपर रेशमी आँचल की सरेआम बदमाशियाँ दिखाकर जन्नत के नजारे ढंक ले हुस्न की हरी-भरी वादियाँ। - 'कसा-कसा यह बदन तेरा' कानों का सफेद झुमका अक्सर जान ले लेता है हवा में उड़कर आँचल जीने की आर्जु देता है। - 'बड़ी दिलकश हैं आपकी अदाएँ' जाग जाएँ जो अरमान शोला बदन की गर्मी से इश्क की ठण्डी आग में दो बदन जल जाने दो। - 'लुत्फ उठा लूँ आपके हसीन हुस्न का'\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45065196011710,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/chura-liya.jpg?v=1767257203"},{"product_id":"pyar-mein-dil-pe-maar-de-goli","title":"Pyar Mein Dil Pe Maar De Goli","description":"\u003cp\u003eकमर पे झूलती कमबख्त चोटी नितंबों पे जब लहराती है हुस्न के पावर-हाउस में 100 मेगावॉट बिजली आती है। - 'बड़ी जानलेवा हैं अदाएँ आपकी' मधुभरे पर्वत शिखर जिगर में प्यास जगाते हैं आतुर अधरों से उन्हें छूने को जी करता है। - 'इस लाजवाब हुस्न पर मरने को दिल करता है' वला की खूबसूरती है देह की मिसाईल में फिगर पे फिसलके जो बच जाए मर जाए बस इक स्माइल से क़त्ल का सामान हो तुम। - 'क़त्ल का सामान हो तुम' गड्ढे पड़ते हैं गालों में जैसे दो कँवल खिलते हैं लबों की गुलाबी पत्तियों पर बहारों के मौसम मिलते हैं। - 'खुलकर हँसती हो जब तुम दिल-ओ-जाँ ले लेती हो' गुलाबी होंठों की पंखुड़ियाँ जब मदिर मुस्कान लुटाती हैं जिगर की खाली सुराही मुहब्बत की मैं से भर जाती है। - 'सुंदरता से भी सुंदर हो तुम'\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45065200206014,"sku":null,"price":360.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/pyar-mein-dil-pe.jpg?v=1767257092"},{"product_id":"baby-i-love-you","title":"Baby I Love You","description":"\u003cp\u003eहुस्न का बेशकीमती खजाना जो लिये बैठी हो हटा के शर्म-ओ-हया के लिबास अंगों पे प्रेम-रस बरसाऊँ । - 'बेबी आई लव यू' मेरी चाहत के बदले में अपनी मोहब्बत दे दो इस रात तुम्हें बाँहों में भरकर चिराग सारे बुझाने दो। - 'होश न खो बैठूं तुम्हें देखकर' लबों की सुख पत्तियों से मुस्कराहट के मोती उठाने दो गालों की गुलाबी जमीन पे आशिक़ी बिछाने दो मुहब्बत हो जाने दो। - 'मुहब्बत हो जाने दो' जिंदगी की कड़ी धूप में जब तुम नज़र आती हो तुम्हारे दामन की खुशबू से मेरी साँसों का सागर भरता है। - 'तुम पे डोरे डालने को जी करता है' रुख से बरसती है रूप की चाँदनी होंठों पे शाम के उजाले खिले रहते हैं। - 'तुम्हारी देह की सुगंध महोश करती है मुझे'\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45065236086974,"sku":null,"price":316.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/baby-i-love-you.jpg?v=1767256976"},{"product_id":"khushbu","title":"Khushbu","description":"\u003cp\u003eरहती हो जब तुम पास मेरे गेसुओं की खुशबू से चाहत के फूल खिलते हैं मुहब्बत के मोती मिलते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e'खुशबू'\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसुर्ख लबों से छलकती है पटियाला की शराब गर्दन के गुलाबी तिल पर जयपुर का शबाब।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e'खुशबू हो तुम मेरे ख़्वाबों-खयालों की'\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eजो झुक जाओ जमीन पर किसी हसीन बहाने से छलक जाता है कितना शबाब हुस्न के पैमाने से।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e'आफत तुम्हारा हुस्न अदाएँ 440 वॉल्ट की'\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eमुस्कराकर जब नज़र के तीर तरकश से चलाती हो दिल को घायल करती हो दर्द जिगर में भरती हो।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e'ठग लेती हो अपनी इन अदाओं से'\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eओढ़कर नीली चुनरिया माथे पे जो बिंदिया सजाती हो जूड़े में गजरा लगा के और हसीन हो जाती हो। 'तुम पर डोरे डालने को जी करता है'\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45065242083518,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/khushboo_c844c99d-5429-492b-8baa-2cccdf7ced4e.jpg?v=1767256600"},{"product_id":"mohabbat-ki-barish-mein","title":"Mohabbat Ki Barish Mein","description":"\u003cp\u003eभर लूँ जो बाहुपाश में तुम्हारी देह के दरिया को चाहतों के शामियाने में फूलों-सा बदन चुराती रहो मैंने तुम्हें चाहा है। - 'मैंने तुम्हें चाहा है' आँखों में बंगाल का जादू है रुख पे कश्मीर की रंगत मिज़ाज में दिल्ली की दिल्लगी अदा में लखनऊ का अदब बला की खूबसूरत हो तुम। - 'बला की खूबसूरत हो तुम' दोपहर जो तुम्हारे पैरों में शूल-सी चुभने लगती छूकर नाजुक एड़ियों को होंठों से चाहत का मरहम लगाता बिना शर्त का प्रेम। - 'बिना शर्त का प्रेम' यह निगाहों की कटार लबों पे तबस्सुम के सिक्के जुल्फों के मस्त झुमके नाक पे गुस्से के ठुमके गिरफ्तार हो गया हूँ आपके हुस्न की बेड़ियों में। - 'आपके हुस्न की बेड़ियों में' रूप के सुवर्णद्वीप पर जो दिलकश हसीन नाभि है अलादीन के बेशुमार खजाने की मायावी चाबी है अजब-सा इक जादू है तुम्हारी देह की दुनिया में। - तुम्हारी देह की दुनिया में\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default 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