{"product_id":"bharat-ka-vibhajan-aur-kashmir-samasya","title":"Bharat Ka Vibhajan Aur Kashmir Samasya","description":"\u003cp\u003eयह पुरस्कार अविवाहित विजेता को यदि मरणोपरांत प्राप्त होता है, तो अनुदान राशि उसके माता या पिता को दी जाती है। यदि मरणोपरांत पदक विजेता की पत्नी का निधन हो जाए तो राशि उसके अठारह वर्ष से कम आयु के पुत्र या अविवाहित पुत्री को देय होती है। बड़ी राशि के अनुदान की स्वीकृति के बाद छोटी राशि का अनुदान स्वतः ही समाप्त हो जाता है। यह अनुदान विजेताओं की बहादुरी के लिए रक्षा सेनाओं के खाते से वहन होता है। केंद्रीय सरकार के अतिरिक्त भारत की सभी राज्य सरकारें अपने-अपने राज्य के पदक विजेताओं को सम्मानित करने के लिए वित्तीय व भूमि अनुदानों की घोषणा करती हैं। परमवीर चक्र से लेकर युद्ध के डिस्पैच में उल्लिखित सभी पुरस्कार सैनिकों को प्रदान किए जाते हैं, किंतु अन्यान्य राज्यों में दिए जाने वाले अनुदानों में असमानताएँ भी हैं। यह राज्य सरकार की उदारीकरण नीति पर निर्भर करता है। कुछ राज्य सरकारें परमवीर चक्र विजेता को 22,500 रुपये के अनुदान के साथ तीस वर्षों तक एक हजार रुपये प्रति वर्ष देने के अतिरिक्त एक या डेढ़ लाख की राशि या उतनी रकम की भूमि प्रदान करती है, लेकिन अधिक आबादी वाले या धनी राज्यों में परमवीर चक्र विजेता को केवल 1500 रुपये दिए जाते हैं। दिल्ली जैसे संघ शासित क्षेत्र में परमवीर चक्र विजेता केवल 1000 रुपये प्राप्त कर सकता था, किंतु यह राशि बढ़ा कर अब एक लाख कर दी गई है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45810883592382,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/bharat-ka-vibhajan.jpg?v=1768982586","url":"https:\/\/atmarambooks.com\/products\/bharat-ka-vibhajan-aur-kashmir-samasya","provider":"Atma Ram and Sons","version":"1.0","type":"link"}