{"product_id":"bharat-ke-tyohar","title":"Bharat Ke Tyohar","description":"\u003cp\u003eत्यौहार-हमारी सभ्यता और संस्कृति के प्रतीक हैं। शताब्दियों और सहस्त्राब्दियों से वह हमारे सामाजिक जीवन में नव प्रणाओं का सन्देश देते रहे हैं। गत ऐतिहासिक स्मृतियों को जागृत करते हुए वह हमारे पिछले गौरव के मंगलमय मंत्र हमें सिखाते हैं। हिन्दू जाति का जीवन इन व्रतों और उत्सवों से संजोया हुआ है। इनका आरम्भ किसी न किसी समाज-सुधार के पहलू को लेकर हुआ है। भारत धर्मप्राण देश है। इसलिए समाज सुधार की बातों को भी धर्म निष्ठा का स्वरूप देकर हमने अंगीकार किया है। यह अवश्य है कि आज वे उत्सव केवल चिन्ह पूजा अथवा अंध विश्वासों के ढेर बन गए हैं। उनके मूल उद्देश्यों को भुलाकर हम यह मान बैठे हैं कि यह सब ढकोसले या पुरानेपन को दुःखद परिपाटियाँ हैं। परन्तु ऐसा सोचना समाज की दृष्टि से हितकर नहीं है। व्रतों, उत्सवों और जयन्तियों की उपेक्षा करने से हमारा सामाजिक और नागरिक जीवन शुष्क, नीरस और निष्प्राण हो जाएगा। व्रत तो जीवन को प्रशस्त और व्यापक बनाने का मार्ग है। उसकी शक्ति स्वयं मानव है। मानव का विकास ही उसका लक्ष्य है। इसी उद्देश्य को लेकर इस पुस्तक की रचना की गई ताकि समाज का कुछ उपकार हो सके ।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45810930548926,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/bharat-ke-tyohar.jpg?v=1768984579","url":"https:\/\/atmarambooks.com\/products\/bharat-ke-tyohar","provider":"Atma Ram and Sons","version":"1.0","type":"link"}