{"product_id":"bharat-mein-angrezi-raj-1857-1947","title":"Bharat Mein Angrezi Raj 1857-1947","description":"\u003cp\u003eसन् 1910 में किंग एडवर्ड के मरने के बाद जार्ज पंचम ब्रिटिश साम्राज्य के तख्त व ताज के मालिक हुए। बंगाल में बंग-भंग के कारण बड़ा गहरा असन्तोष फैला हुआ था। गत सात-आठ वर्षों से बंगाल में एक विकट परिस्थिति थी, बंगाली नहीं चाहते थे कि किसी भी हालत में बंगाल को दो भागों में बाँटा जाए। इस असन्तोष को दूर करने के लिए कुछ लोगों ने ब्रिटिश सरकार को यह सलाह दी कि जार्ज पंचम स्वयं भारत आएँ तो सारी बेचैनी दूर हो जाएगी। इसी सलाह का अनुसरण कर जार्ज पंचम ने 12 दिसम्बर, 1911 को दिल्ली में एक विराट दरबार का आयोजन किया। सम्राट ने घोषणा की कि भारत की राजधानी अब कलकत्ता के स्थान पर दिल्ली होगी। क्योंकि सरकार चाहती है कि प्राचीन इन्द्रप्रस्थ के ऐश्वर्य का फिर से उद्धार हो। यह भी घोषणा की गई कि बंगालियों के असन्तोष का ध्यान रख कर प्रजावत्सल बंग-भंग को रद्द करती है और पूर्वी व पश्चिमी बंगाल को एकत्र कर ले. गवर्नर के अधीन एक प्रांत कर दिया गया है इसका अर्थ नहीं कि बंगाल प्रांत बंग-भंग के पहले जैसा था, वैसा कर दिया गया। प्राचीन मगध की राजधानी पाटलिपुत्र का उद्धार कर पटना एक प्रांत की राजधानी बना दी गई। इस प्रांत में छोटा नागपुर, बिहार और उड़ीसा के जिले थे और इस प्रांत का नाम बिहार-उड़ीसा हुआ।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45810973409470,"sku":null,"price":1356.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/bharat-mein-angregi-raj-2.jpg?v=1768986185","url":"https:\/\/atmarambooks.com\/products\/bharat-mein-angrezi-raj-1857-1947","provider":"Atma Ram and Sons","version":"1.0","type":"link"}