{"product_id":"bhartiya-videsh-niti-badlav-ki-or","title":"Bhartiya Videsh Niti Badlav ki Or","description":"\u003cp\u003eआधुनिक युग अन्तर्राष्ट्रीयता का युग है। अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों में राष्ट्रों की पारस्परिक अन्तनिर्भरता वह सच्चाई है जिससे कोई देश बच नहीं सकता। आज विश्व के सभी देश अपने-अपने राष्ट्रीय हितों की प्राप्ति व उनमें सम्वर्द्धन के लिये प्रयासरत् हैं। प्रत्येक देश अपने राष्ट्रीय हित के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए विदेशी सम्बन्धों में स्वतन्त्र विदेश नीति का प्रयोग करता है। विश्व के अधिकांश देश यह प्रयास करते हुए देखे जाते हैं कि उनकी विदेश नीति का अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों पर कोई बुरा प्रभाव न पड़े। इसलिए सभी देश अपने-अपने राष्ट्रीय हितों का अन्तर्राष्ट्रीय हितों से सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास करते हैं। वे अपनी विदेश नीति में राष्ट्रीय हित के उन लक्ष्यों को गौण स्थान पर रख देते हैं, जो अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धांे में खट्टास पैदा करते हैं। भारत भी इसका अपवाद नहीं है। भारत की अपने स्वतन्त्र व राष्ट्रीय हितों का अन्तर्राष्ट्रीय हितों से सामंजस्य स्थापित करने वाली विदेश नीति है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45816449990846,"sku":null,"price":476.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/bhartiya-vides-niti-badlav-ki-or.jpg?v=1769079708","url":"https:\/\/atmarambooks.com\/products\/bhartiya-videsh-niti-badlav-ki-or","provider":"Atma Ram and Sons","version":"1.0","type":"link"}