{"product_id":"brics-samooh-mein-bharat","title":"BRICS Samooh Mein Bharat","description":"\u003cp\u003eभारत का हित इसी में है कि ब्रिक्स को पश्चिमी देशों की गिरफ्त को कम करने के लिए एक कारगर समूह के तौर पर विकसित करने में मदद करे और साथ ही उसे पश्चिमी देशों के साथ टकराव के रास्ते पर बढ़ने से रोके। ब्रिक्स समूह के 2009 में हुए पहले शिखर सम्मेलन से अब तक विश्व की भू-राजनीतिक स्थिति में काफी बदलाव आ चुका है और अनेक देशों की आर्थिक स्थिति की काफी हद तक बदल गई है। इस समय स्थिति यह है कि रूस, जिसे ब्रिक्स और जी-8 समूह के सेतु माना जाता था, यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के कारण जी-8 से बाहर किया जा चुका है। इन दिनों कुछ टिप्पणीकार तो यहाँ तक कह रहे हैं कि ब्रिक्स में केवल चीन और भारत ही ऐसे देश हैं जो उसके आर्थिक एजेंडे को आगे ले जा सकते हैं क्योंकि उन्हीं की अर्थव्यवस्थाएँ विकास कर रही हैं। लेकिन इस समय ब्रिक्स का महत्त्व इसलिए भी बहुत बढ़ गया है क्योंकि चीन ने एक सौ अरब डॉलर की आरंभिक धनराशि से एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड इनवेस्टमेंट बैंक शुरू कर दिया है जिसमें चीन, भारत और रूस सबसे बड़े शेयरधारक हैं। जापान को छोड़कर अमेरिका के लगभग सभी मित्र देश इसके सदस्य बन रहे हैं। सभी चाहते हैं कि बुनियादी ढाँचागत विकास की प्रक्रिया से होने वाले लाभ में उनका भी हिस्सा हो। अमेरिका इस घटनाक्रम से स्वाभाविक रूप से खुश नहीं है लेकिन जो देश विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की जकड़न से मुक्त होना चाहते हैं, वे पिछले शिखर सम्मेलन में प्रस्तावित और स्वीकृत ब्रिक्स बैंक में और अब चीन द्वारा शुरू किए गए इस बैंक में बहुत दिलचस्पी ले रहे हैं।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45895027523774,"sku":null,"price":476.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/brix-samooh-mein.jpg?v=1769499135","url":"https:\/\/atmarambooks.com\/products\/brics-samooh-mein-bharat","provider":"Atma Ram and Sons","version":"1.0","type":"link"}