{"product_id":"gorakhanath-aur-unaka-yug","title":"Gorakhanath Aur Unaka Yug","description":"\u003cp\u003eप्रस्तुत पुस्तक इतिहास नहीं है। यह केवल एक विशेष युग की मुख्य विचारधाराओं का मनन है। उस काल के धार्मिक आन्दोलन वास्तव में सामाजिक अथवा राजनीतिक आन्दोलन थे जिनकी नैतिकता दर्शन के सहारे चलती थी। भारतीय संस्कृति जो इतनी बिखरी हुई दिखती है वह उसके राजाओं के इतिहास के कारण जो अभी तक इतिहासज्ञों की खोज का विषय रहा है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eभारतीय संस्कृति वास्तव में इससे बहुत अधिक है। बहुत गहरी है। यह अनुभव होने पर जब भारतीय संस्कृति को देखा जाता है तो उसकी साधना का मूलस्वर एक ही दिखाई देता है। गोरखनाथ का युग भारतीय इतिहास की एक कड़ी है, जो यदि हजारों वर्षों का परिणाम है तो उसका प्रभाव भी अनेक शताब्दियों का इतिहास हैं। यह भारतीय इतिहास का वह भूला हुआ विषय है जिसके बिना इतिहास समझा ही नहीं जा सकता। गोरख एक सन्धिकाल के व्यक्ति थे। संस्कृत और हिन्दी दोनों पक्षों में उनको जाँचने की आवश्यकता थी। इसी से दोनों पर सविस्तार प्रकाश डालने का प्रयत्न किया गया है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45954641363134,"sku":null,"price":636.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/gorakhnath-aur-unka-yug.jpg?v=1769592075","url":"https:\/\/atmarambooks.com\/products\/gorakhanath-aur-unaka-yug","provider":"Atma Ram and Sons","version":"1.0","type":"link"}