{"product_id":"hindu-mauritius","title":"Hindu Mauritius","description":"\u003cp\u003eसन् 1935 ईसवी में मोरिशस के भारतवंशियों के पूर्वजों के आप्रवासन शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में पं. आत्माराम विश्वनाथ द्वारा लिखा गया 'हिन्दू मोरिशस' एक अद्भुत ग्रन्थ है। इसमें लेखक ने विशेष रूप से भारतवंशियों के सौ वर्ष के कष्टमय जीवन पर प्रकाश डाला है।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003eइसमें उन्होंने भारतवंशियों द्वारा निर्मित मंदिरों और सांस्कृतिक संस्थाओं के इतिहास के साथ-साथ स्थानीय भारतीयों के सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों पर अपना विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण पेश किया है। \u003cbr\u003e\u003cbr\u003eइसके अतिरिक्त लेखक महोदय ने मोरिशस के भारतवंशियों की कमजोरियों एवं कमियों को उजागर करते हुए, उन्हें संघर्शशील होकर देश के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक क्षेत्रों में पदार्पण करने का आवाहन किया है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e'हिन्दू मोरिशस' तत्कालीन मोरिशसीय समाज को जानने के लिए अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। इस ग्रन्थ में लेखक महोदय ने 1898 से 1936 के बीच भारतवंशियों द्वारा स्थापित संस्थाओं की एक लम्बी सूची दी है। \u003cbr\u003e\u003cbr\u003eइसके अतिरिक्त संस्थाओं के इतिहास प्रकरण में मोरिशस आर्य सभा (आर्य परोपकारिणी सभा) हिन्दू महासभा, गीता मण्डल, आर्य प्रतिनिधि सभा, आर्य रविवेद प्रचारिणी सभा तथा हिन्दी प्रचारिणी सभा आदि का इतिहास विस्तारपूर्वक दिया है।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e'हिन्दू मोरिशस' ग्रन्थ का लेखन तब हुआ था जब जयनारायणराय और पं. वासुदेव विष्णुद्याल का आगमन नहीं हुआ था। पं. आत्माराम ने इसमें 'हिन्दू' शब्द का प्रयोग संकुचित अर्थ में न करके, एक व्यापक अर्थ में किया है और इसके अन्तर्गत मोरिशस के सम्पूर्ण भारतवंशियों को समावेश किया है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45963818008766,"sku":null,"price":796.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/hindu-mourisus.jpg?v=1769669006","url":"https:\/\/atmarambooks.com\/products\/hindu-mauritius","provider":"Atma Ram and Sons","version":"1.0","type":"link"}