{"product_id":"lok-vyavhar-ke-sidhant","title":"Lok Vyavhar Ke Sidhant","description":"\u003cp\u003e'लोक' का अर्थ होता है- 'जगत्' या 'संसार' और व्यवहार का अर्थ होता है- 'एक-दूसरे से सम्बन्ध निभाना', 'एक-दूसरे के कार्य में सहयोगी बनना'। इस तरह से संसार में रहकर जब व्यक्ति एक-दूसरे के साथ अपना सम्बन्ध या कर्तव्य निभाता है तो इसको 'लोक-व्यवहार' कहा जाता है। लोक-व्यवहार अपना स्वार्थ या मतलब सिद्ध करने का नाम नहीं है। हम किस-किस प्रकार से अन्य मनुष्यों के काम आ सकते हैं; दुःख में, मुसीबत में उनका भला कर सकते हैं-लोक-व्यवहार हमको यही सब सिखाता है। लोक-व्यवहार केवल किसी से अच्छा बोलने या किसी की खुशामद करते रहने का ही नाम नहीं है। लोक-व्यवहार के अर्थ बड़े गहरे हैं। जिसका ज्ञान पाठक पुस्तक के पठन से प्राप्त कर सकते हैं।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":46051931881662,"sku":null,"price":360.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/lok-vyavhar-ke-siddhant.jpg?v=1769770949","url":"https:\/\/atmarambooks.com\/products\/lok-vyavhar-ke-sidhant","provider":"Atma Ram and Sons","version":"1.0","type":"link"}