{"product_id":"mahilaon-ke-prati-apradh-kaise-rukein","title":"Mahilaon ke Prati Apradh Kaise Rukein","description":"\u003cp\u003eअमर्यादित यौनाचरण या घरेलू हिंसा के अनेकानेक कारण हो सकते हैं। मूल कारण है- मस्तिष्क का सहज न होना। जब बच्चे का जन्म होता है, तब उसका जीवन व मस्तिष्क सहज होता है। अतः आवश्यकता इस बात की है कि बच्चे का सहज विकास होने दिया जाए, तब वह अपराधी मानसिकता का बनेगा ही नहीं। महिला अधिकारों व घरेलू हिंसा से बचाव के कानूनों को विस्तृत रूप में वर्णित किया गया है। साथ ही नागरिकों के मूल कर्तव्यों से भी अवगत करवाया गया है। तथ्यों की सुस्पष्टता के लिए महिलाओं के प्रति अपराधों की रोकथाम से सम्बन्धित प्रेरक कहानियाँ भी दी गई हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग व राज्य महिला आयोगों के पते, हेल्पलाइन नंबर, ई मेल व दूरभाष आदि, तथा राष्ट्रीय एवं राज्य मानव अधिकार आयोगों (एन.एच.आर.सी.) की भूमिका पते, फोन, ई-मेल व वेबसाइट आदि भी दिए गए हैं।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":46180551196862,"sku":null,"price":716.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/mahilaon-ke-prati-apradh-kaise-ruke.jpg?v=1770014268","url":"https:\/\/atmarambooks.com\/products\/mahilaon-ke-prati-apradh-kaise-rukein","provider":"Atma Ram and Sons","version":"1.0","type":"link"}