{"product_id":"sabhyata-avem-sanskriti","title":"Sabhyata Avam Sanskriti","description":"\u003cp\u003eसभ्यता एवं संस्कृति पर अनेक पुस्तकें हैं, परन्तु यह पुस्तक उन सबों से भिन्न एक अनूठा प्रयास है यह दर्शाने का कि किस प्रकार सभ्यता एवं संस्कृति का क्रमशः समानान्तर विकास हुआ है। वैदिक काल से लेकर आधुनिक काल तक परिस्थिति एवं पारिस्थितिक के अनुसार दोनों का क्रमिक विकास एवं ह्रास होता गया है। वैदिक काल में ये उच्च शिखर पर थी, पर महाभारत काल आते-आते इनमें काफी अवमूल्यन हुआ। इसके साथ ही कई नये मूल्यों का प्रतिष्ठापन भी हुआ है। उसके अनुरूप साहित्य का भी विकास होता गया है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eभारत में कई शासक आए और उनके शासन काल में सभ्यता एवं संस्कृति के विकास में कुछ परिवर्तन एवं परिमार्जन भी हुआ है। कई नये मूल्यों का समावेश भी हुआ है। आज वर्तमान समय में संकट-ग्रस्त स्थिति में हमारी पुरानी मान्यताएँ किस प्रकार कारगर सिद्ध हो रही हैं। इस पुस्तक में इन्हीं सब विषयों को तथ्यों के साथ प्रस्तुत किया गया है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":46392734318782,"sku":null,"price":520.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/sabhayata-evam-sanskriti.jpg?v=1770891458","url":"https:\/\/atmarambooks.com\/products\/sabhyata-avem-sanskriti","provider":"Atma Ram and Sons","version":"1.0","type":"link"}