{"product_id":"samrat-nepoleon","title":"Samrat Nepoleon","description":"\u003cp\u003eनेपालियन बोनापार्ट का उदय 18वीं सदी में एक योग्य मिलिटरी जनरल के रूप में हुआ। 1709 में वे फ्रांस के प्रथम प्रशासक बने और गणतांत्रिक क्रान्ति के बाद दलदल में फँसे फ्रांस को उबारा और फिर फ्रांस के सम्राट बन कर पूरे योरोप पर फ्रांस का दबदबा कायम किया। एक सदी से चली आ रही फ्रांस और ब्रिटेन की दुश्मनी में उन्होंने फ्रांस को ब्रिटेन के टक्कर में लाकर खड़ा कर दिया तो लन्दन के प्रचार माध्यमों ने उनके खिलाफ अंतर्गत प्रचार किया और सच्चे-झूठे आरोपों द्वारा उन्हें बदनाम किया, मानो कि वे मात्र एक तानाशाह हों। नेपालियन ने फ्रांसीसी प्रजातंत्र को खुली छूट नहीं दी, उन्होंने पिछली क्रान्तियों की भाँति अपने विरोधियों को कभी मौत के घाट नहीं उतारा। नेपोलियन की जन्मभूमि फ्रांस न होने के बावजूद फ्रांस की जनता ने उन्हें गले से लगाया और उनके सम्राट बनने पर कोई आपत्ति नहीं जताई।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eनेपोलियन ने पूरे पश्चिमी योरोप पर कब्जा कर लिया और 'महाद्वीपीय व्यवस्था' द्वारा ब्रिटिश माल के योरोप में घुसने पर पाबन्दी लगा दी। रूस द्वारा उनका साथ न दिए जाने के कारण नेपोलियन ने रूस पर भी आक्रमण कर दिया जो उनके जीवन की सबसे बड़ी भूल साबित हुई। उन्होंने अपनी यह गलती फिर दोहराई और बेल्जियम के 'वाटरलू' में संयुक्त सेना से युद्ध करने फ्रांस से दूर चले गए। यह उनका 50वाँ युद्ध था जो अन्तिम युद्ध साबित हुआ। जब नेपोलियन ने ब्रिटिश एडमिरल के सामने आत्मसमर्पण कर दिया तो ब्रिटिश शासकों ने उन्हें दक्षिणी गोलार्थ में द्वीप 'सेन्ट हेलीना' भेज कर उनकी हत्या करा दी।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":46397023420606,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/samrat-nepolian.jpg?v=1770972002","url":"https:\/\/atmarambooks.com\/products\/samrat-nepoleon","provider":"Atma Ram and Sons","version":"1.0","type":"link"}