{"product_id":"shaadi-kyon-nahin-chahte","title":"Aaj ke Yuva Shaadi Karna Kyun Nahin Chahte","description":"\u003cp\u003eविवाह को एक धार्मिक संस्कार के रूप में सनातन धर्म में स्वीकार किया गया है। शिक्षा प्राप्त करने के बाद हर माता-पिता अपने बच्चे का विवाह कर देना चाहते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e पहले के युवा तो विवाह के नाम से ही अति उत्साहित हो जाते थे और विवाह का बड़ी बेसब्री से इंतजार करते थे, लेकिन आज के युवा विवाह को टालते हैं और कॅरियर तथा शिक्षा के प्रति उनका रुझान सबसे ज्यादा है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eजब भी अभिभावक युवक या युवती से विवाह के संबंध में बात करते हैं तो उनका एक ही जवाब होता है कि 'अभी हम विवाह के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हैं। आर्थिक रूप से संपन्न और स्वतंत्र होने के बाद विवाह करने के बारे में हम सोचेंगे। \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e' युवाओं का कहना तो ठीक है, लेकिन इसके साथ ही यह भी तो देखना आवश्यक है कि विवाह की एक उम्र होती है। उस उम्र के निकल जाने के बाद विवाह करने का कोई औचित्य ही नहीं रह जाता है। इसलिए युवाओं के लिए बेहतर सलाहें प्रस्तुत पुस्तक में हैं ताकि वे कॅरियर तथा उम्र को ध्यान में रखकर विवाह करने का निर्णय ले सकें।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45169181360318,"sku":null,"price":396.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/aaj-ke-yuva-shaadi.jpg?v=1771480518","url":"https:\/\/atmarambooks.com\/products\/shaadi-kyon-nahin-chahte","provider":"Atma Ram and Sons","version":"1.0","type":"link"}