{"product_id":"tibet-kal-aaj-aur-kal","title":"Tibet : Kal, Aaj Aur Kal","description":"\u003cp\u003eतिब्बत क्यों स्वतंत्र नहीं रह सकता? कहते हैं कि पहले स्वतंत्र नहीं था। उसको स्वतंत्र होने का अधिकार नहीं हो सकता ! क्या जहाँ पहले गुलामी थी, वहाँ अब भी गुलामी रहनी चाहिए? \u003cbr\u003e\u003cbr\u003eअगर अल्जीरिया की स्वतंत्रता की आवाज का हम समर्थन कर सकते हैं और वह समर्थन करना फ्रांस के अन्दरूनी मामलों में दखल देना नहीं है तो तिब्बत की स्वतंत्रता का समर्थन चीन के अन्दरूनी मामलों में दखल कैसे हो सकता है?\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eचीनी साम्राज्यवादी अपने पशुबल के द्वारा तिब्बत की स्वतंत्रता की आवाज को दबा सकते हैं मगर स्वतंत्रता की पिपासा को मिटाया नहीं जा सकता। \u003cbr\u003e\u003cbr\u003eदमन उस आन्दोलन में घी का काम करेगा जो आज नहीं तो कल तिब्बत की जनता अपनी स्वतंत्रता को प्राप्त करके रहेगी। माओ-त्से-तुंग ने 1930 में कहा था, कि हमने ऐसा संविधान बनाया है कि अगर हम में से कोई बाहर जाना चाहेगा, तो बाहर जा सकेगा, तिब्बती तो बाहर जाने की बात नहीं करते थे। वे तो अपना पृथक अस्तित्व रखना चाहते थे मगर उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":46411056021694,"sku":null,"price":520.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/tibbat-aaj-aur-kal.jpg?v=1771489162","url":"https:\/\/atmarambooks.com\/products\/tibet-kal-aaj-aur-kal","provider":"Atma Ram and Sons","version":"1.0","type":"link"}