{"product_id":"urja-kootniti","title":"Urja Kootniti","description":"\u003cp\u003eभारत तेज गति से विकसित होने वाले देशों में शामिल है और इसके 2020 तक प्रमुख आर्थिक शक्ति बन जाने की उम्मीद है। आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक प्रगति व्यापक रूप से ऊर्जा सुरक्षा को हासिल करने और इसे बनाए रखने पर निर्भर करेगी। वर्तमान में, भारत औद्योगिक के साथ-साथ नागरिक खपत के लिए विद्युत आपूर्ति की क्षमता में खासी कमी का सामना कर रहा है। वर्ष 2006 और 2010 की अवधि के दौरान, देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 8.2 फीसदी के सीएजीआर के दर से बढ़ा है, जबकि वैश्विक जीडीपी 4.5 फीसदी के सीएजीआर के दर से बढ़ी है। आर्थिक गतिविधियों में तीव्र वृद्धि के साथ-साथ ऊर्जा की खपत में भी वृद्धि हुई है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा समस्याग्रस्त बनी रहेगी। आज तेज और गैस के भंडार देशों के छोटे समूहों के हाथों में हैं, इनमें से कईयों को राजनीतिक रूप से अस्थिर हैं या फिर बड़े खपत वाले देशों के साथ इनके सुमधुर संबंध हैं। दुनिया के प्रामाणिक तेल भंडारों का 80 फीसदी हिस्सा केवल तीन क्षेत्रों में स्थित है, अफ्रीका, रूस और कैस्पियन बेसिन और फारस की खाड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों की यात्रा करते रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि मोदी के यात्रा की कार्यसूची में सबसे प्रमुख भारत की ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित करना है, जो कि देश के आर्थिक विकास का एक प्रमुख अवयव है। यहाँ उनकी सरकार ने नेपाली सरकार और भारतीय कंपनियों के बीच एक समझौता अभी हाल में ही हुआ है।\u003c\/p\u003e","brand":"Atma Ram and Sons","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49200440705214,"sku":"9789392732409","price":716.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0658\/2154\/0542\/files\/UrjaKutniti.jpg?v=1790850827","url":"https:\/\/atmarambooks.com\/products\/urja-kootniti","provider":"Atma Ram and Sons","version":"1.0","type":"link"}