1965 ke Yuddh ki Shaurya Gatha
1965 ke Yuddh ki Shaurya Gatha
R. P. Singh
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रूस के प्रसिद्ध नगर ताशकंद में 4 जनवरी, 1966 को एक सम्मेलन शुरू हुआ। उस सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री श्री लालबहादुर शास्त्री तथा पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खाँ उपस्थित थे। दोनों देशों में मैत्री कराने में रूस के नेताओं को अनथक परिश्रम करना पड़ा। भारत और पाकिस्तान, जो सितंबर, 1965 में जीवन-मरण के प्रश्न पर एक खूनी युद्ध लड़ चुके थे, बड़ी कठिनता से इस बारे में सहमत हुए। 10 जनवरी, 1966 को यह समझौता हो गया। भारत के प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री ने 10 जनवरी, 1966 को ताशकंद में भारतीय पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि "ताशकंद घोषणा भारत और पाकिस्तान में तनाव दूर करने में सहायक होगी। इस समझौते ने निश्चित रूप से तनाव को घटा दिया। ताशकंद बैठक बहुत महत्त्वपूर्ण थी, जिसमें व्यापक दृष्टिकोण से विचार हुआ। यह बैठक इस बात के लिए हुई थी कि भारत और पाकिस्तान में लड़ाई न बढ़े। यदि समझौता न हुआ होता तो स्थिति और विषम हो जाती तथा झगड़ा बढ़ सकता था। इस घोषणा का विश्व द्वारा स्वागत किया जाएगा, इससे शांति कायम रहेगी। इस व्यापक दृष्टिकोण से दोनों देशों द्वारा शक्ति का प्रयोग न करने का निश्चय करना महत्त्वपूर्ण है।"
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9788195380619
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
No. of pages
No. of pages
192
Book Dimension
Book Dimension
22.5 cm x 15 cm x 1.7 cm
Item Weight
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480 grams
