Aap Kya Nahi Kar Sakte
Aap Kya Nahi Kar Sakte
Dr. Pavitra Kumar Sharma
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मनुष्य को पृथ्वी पर ईश्वर की दी हुई सब से श्रेष्ठ कृति माना जाता है और ईश्वर की रचना होने के कारण प्रत्येक आदमी में संभावनाएँ एवं क्षमता असीमित होती हैं, लेकिन इंसान अपनी उस सामर्थ्य को पहचान नहीं पाता है जिसके कारण वह अपने कई कार्यों को समय पर पूरे नहीं कर पाता और अपनी सामर्थ्य का अहसास न होने की वजह से उसके कई काम अधूरे रह जाते हैं। इस पुस्तक में मनुष्य की उन क्षमताओं पर ध्यान दिलाया गया है, जो प्रत्येक साधारण मनुष्य के अंदर होती हैं लेकिन उन शक्तियों का खुद में अहसास न कर पाने की वजह से आदमी उन्हें विकसित नहीं कर पाता है। यदि इंसान समय रहते अपनी उन आन्तरिक शक्तियों या क्षमताओं को जान ले तो वह दुनिया में वो सब कुछ कर सकता है जिसके लिए वह प्रायः सपने देखा करता है या मन में कल्पनाएँ किया करता है। कुछ कार्य ऐसे होते हैं जिन्हें आदमी क्षमता होते हुए भी नहीं कर पाता, क्योंकि उन सामान्य कार्य-व्यवहारों के बारे में आदमी कभी गहराई से सोचता नहीं है, लेकिन वे कार्य जीवन के लिए अति महत्त्वपूर्ण होते हैं तथा मानव के व्यक्तित्व में चार चाँद लगा देते हैं। दूसरी तरफ कुछ कार्य मानव समाज में निंदनीय और वर्जित समझे जाते हैं, जिन्हें कभी-कभार आदमी जाने-अनजाने कर बैठता है। किस प्रकार के कार्य किए जाने चाहिए और किन कार्यों को छोड़ देना चाहिए-इसकी विस्तृत चर्चा पुस्तक में की गई है।
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Language
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- HIN- Hindi
ISBN
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9789392713002
Binding
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Hard Cover
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- Adults
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