Aatmvishwas Badhane Wali Kahaniyan
Aatmvishwas Badhane Wali Kahaniyan
Dr. Ghamandi Lal Agarwal
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आज संयुक्त परिवारों का बोलबाला नहीं है। संयुक्त परिवारों में माता-पिता, ताऊ-ताई, चाचा-चाची और भाई-बहनों के अतिरिक्त दादा-दादी मिल-जुल कर जीवनयापन किया करते थे। दादा-दादी बच्चों को संरक्षण तो देते ही थे, संस्कारों का अमूल्य खजाना भी लुटाते थे। नाना-नानी भी जीवन को सँवारने में विशिष्ट भूमिका निभाते थे। इन कहानियों में मनोरंजन, कल्पना, प्रेरणा व सीख का सम्मिश्रण हुआ करता था। आज एकल परिवार हैं । एकल परिवारों में माता-पिता एवं सीमित भाई-बहन ही हैं । फिर कहानियाँ कौन सुनाए? इसी उद्देश्य से प्रस्तुत है यह कहानियों का सुंदर गुलदस्ता। इस गुलदस्ते की कहानियाँ देश वेफ सुप्रसिद्व बाल साहित्यकारों की लेखनी से उपजी हैं जो बालकों में आत्माविश्वास को बढ़ाने की प्रेरणा देंगी। बड़े आकार, मोटे अक्षरों की आकर्षित चित्रों से सुसज्जित सजिल्द पुस्तक है।
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Binding
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Hard Cover
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Dr. Ghamandi Lal Agarwal
