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Adarsh Patra Lekhan

Adarsh Patra Lekhan

Shailender Sengar

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पत्र वह माध्यम है जिसके द्वारा मनुष्य अपने दिल के भाव एवं विचारों का आदान-प्रदान लिखित रूप में करता है। अपने हृदय के सुख-दुःख की अनुभूति पत्र के माध्यम से दूसरे व्यक्ति को कराई जा सकती है। पत्र-लेखन की कला का इतिहास अत्यंत ही प्राचीन काल से चला आ रहा है। पत्र-लेखन की कला में समय के साथ-साथ परिवर्तन होते चले गए। अब हम पत्रें को केवल पारिवारिक सदस्यों को ही नहीं लिखते, बल्कि अन्य अनेक विषयों-सामाजिक, व्यावसायिक, प्रशासनिक आदि क्षेत्र में भी लिखते हें। प्रायः पत्रें को सभी लिख सकते हैं, किन्तु पत्र-लेखन की कला में पारंगत होना अलग बात हैै और पत्र-लेखन कला में पारंगत लेखक के पत्रें का पठन यह आभासित कराता है कि स्वयं लेखक ही पाठक से वार्ता कर रहा हो। सूचना प्रौद्योगिकी के आने के बाद पत्र लेखन कला ने अब इलेक्ट्रिानक रूप धारण कर लिया है। ई-मेल ने परम्परागत पत्र लेखन की जगह लेना शुरु कर दिया है और बदलते परिदृश्य में अब भविष्य भी इसी का है। पुस्तक में ई-मेल लेखन को समझाने का प्रयास किया गया है जिससे उन पाठकों को भी इसे समझने में आसानी होगी जो इसके अभ्यस्त नहीं हैं। आशा है पाठकों के लिए यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी।

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Regular price INR. 476
Regular price INR. 595 Sale price INR. 476
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Product Details

Language

ISBN

9789392717024

Binding

Hard Cover

Age Group

  • Kids
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