Ahamad Nadim Kasami Ki Chuninda Shayari
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अहमद नदीम कासमी का जन्म 20 नवम्बर 1916 को तत्कालीन पश्चिमी पंजाब (अब पाकिस्तान) के जिला शाहपुर के एक छोटे-से पहाड़ी गाँव 'अंगा' में हुआ। पीर-जादा होने पर भी घर की हालत काफी दयनीय थी। उनकी माँ को तीन पैसे रोज़ाना के हिसाब से डेढ़ रुपया मासिक वजीफा मिलता था, जिसमें वह चार प्राणियों (दो बेटे, एक बेटी तथा एक स्वयं) का कैसे गुज़र - बसर करती थी, यह तो वही जानती होगी। यह अज़ीम (महान्) रचनाकार चूँकि एक पत्रकार भी था, इसलिए हमेशा सजग और सतर्क रहता था। हमेशा अपनी आँखें खुली रखने वाला यह रचनाकार समाज के हर पहलू पर अपनी पैनी दृष्टि रखता था और चीज़ (बात) को सच्चाई की तह तक देखता था। इसलिए उसकी रचनाओं में बेबाक सच-बयानी का काफी प्रभाव देखने को मिलता है मगर अपनी पैनी दृष्टि से हर चीज़ का जायज़ा लेनेवाली आँखें 10 जुलाई 2006 को हमेशा-हमेशा के लिए मुँद गईं और जिस शरीर में ये आँखें थीं, वह भी निश्चेष्ट हो गया यानी अहमद नदीम कासमी हमेशा-हमेशा के लिए इस फानी (नश्वर) संसार को अलविदा कह गया।
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