Andhere Se Ujale Ki Ore
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विश्व में हिंसा के तांडव को शांत करने के लिए शस्त्र नहीं प्रेम की, करुणा की आवश्यकता है।
मोरारी बापू का कहना है कि जनता के मन में शस्त्रधारी राम के स्थान पर अभय मुद्रा वाले शस्त्रविहीन राघव की स्थापना का समय है। राम और लक्ष्मण दोनों के विग्रह से धनुष को लेकर उसे विश्राम दे दिया गया है इसी प्रकार कंचनवर्णी, हेमशैलाभ देह वाले, गदाधारी हनुमान की विशाल गदा को सुरक्षित रखवा दिया गया है।
समय आने पर पुनः धारण करने के लिए।" - धनुषहीन राम, गदाहीन हनुमान "क्यों कृष्ण क्यों तुमने गांधारी का शाप शिरोधार्य माना? युद्ध की विभीषिका से बचने के लिए अंत तक शांति दूत बने रहे? पर दुर्योधन टस से मस न हुआ। न्याय का पक्ष लेना अपरिहार्य था। कोई दूसरा मार्ग बचा न था। फिर क्यों अपने ऊपर यह दोष लिया?
क्या यह सिद्ध करना चाहते थे कि हिंसा के साक्षी बन कर निष्कलंक निकलना असंभव होता है। इसीलिए अपने कुल को भेंट चढ़ाना पड़ा।"
चला वाही देस "दुख मनुष्य को संवेदनशील बनाता है। भूखा रह चुका व्यक्ति ही किसी के पेट की कचोट को महसूस कर सकता है।
पैसे-पैसे को मोहताज इंसान ही गरीब की व्यथा समझ सकता है। समस्याएँ जीवन में नए रास्ते भी दिखाती हैं। जो लोग कठिनाइयों के अँधेरों को ही देखते रहते हैं, वे रोशनी पाने से चूक जाते हैं।" - समस्याएँ जीवन में नये रास्ते निकालती हैं।
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- HIN- Hindi
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9789395827782
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