Antriksh Yuddh aur Bharat
Antriksh Yuddh aur Bharat
V.Singh
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एंटी सैटेलाइट हथियार (एएसएटी) अंतरिक्ष हथियार हैं, जो सामरिक सैन्य उद्देश्यों के लिए उपग्रहों को निष्क्रिय करने या नष्ट करने के लिए तैयार किया जाता है। भारत ये पहले यह सिस्टम केवल अमेरिका, रूस और चीन के पास ही था। हालांकि किसी भी देश द्वारा युद्ध में एएसएटी प्रणाली का इस्तेमाल नहीं किया है। कई देशों ने अपने एएसएटी क्षमताओं को बल के प्रदर्शन में प्रदर्शित करने के लिए केवल अपने दोषपूर्ण उपग्रहों को इसके जरिए नष्ट किया है। इस तरह 27 मार्च 2019 को भारत इस विशेष क्लब में एंट्री करने वाला नया देश बना है। अमेरिका ने वर्ष 1950 में WAS-1991 नाम से रणनीतिक रूप से अहम मिसाइल परियोजनाओं की एक श्रृंखला की शुरुआत की थी। उसने 26 मई, 1958 से लेकर 13 अक्टूबर, 1959 के बीच 12 परीक्षण किए थे, लेकिन इन सभी में उसे नाकामयाबी हासिल हुई। हालांकि 21 फरवरी, 2008 को अमेरिकी डिस्ट्रॉयर जहाज ने RIM-161 मिसाइल के जरिये अंतरिक्ष में यूएसए 153 नाम के एक जासूसी उपग्रह को मार गिराया था। इस तरह उसे यह उपलब्धि हासिल हुई। वहीं, माना जाता है कि रूस ने शीत युद्ध के दौरान अमेरिकी बढ़त को कम करने के लिए वर्ष 1956 में सर्गेई कोरोलेव ने ओकेबी-1 नाम की मिसाइल पर काम करना शुरू किया था। इसके पश्चात रूस के इस मिसाइल कार्यक्रम को खुश्चेव ने आगे बढ़ाया। रूस ने UR-200 रॉकेट के निर्माण कार्य शुरू किया। रूस ने मार्च 1961 में इस्ट्रेबिटेल स्पूतनिक के रूप में अपने फाइटर सैटेलाइट कार्यक्रम की शुरुआत की थी। रूस ने फरवरी 1970 में दुनिया का पहला सफल इंटरसेप्ट मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। हालांकि बाद में रूस ने इस कार्यक्रम को बंद कर दिया था, लेकिन अमेरिका द्वारा फिर से परीक्षण शुरू करने के बाद 1976 में रूस ने अपनी बंद परियोजना को फिर से शुरू कर दिया।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
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9789392608933
Binding
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Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
No. of pages
No. of pages
160
Book Dimension
Book Dimension
22.5 cm x 15 cm x 1.6 cm
Item Weight
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390 grams
