Arthshastra Prashnottri
Arthshastra Prashnottri
SKU:
मानव का यह स्वभाव है कि वह उन वस्तुओं की इच्छा करता है जो उसे संतुष्टि दे सकें या जिससे संतुष्टि प्राप्त होती है। मानव की इच्छा असीमित होती है जैसे-ही किसी एक इच्छा को संतुष्ट करता है दूसरी इच्छा स्वत: ही जाग्रत हो जाती है परंतु इन इच्छाओं को संतुष्ट करने के लिए उसके पास पर्याप्त साधन क्रय शक्ति, नहीं होती तथा सभी इच्छाओं की तीव्रता भी समान नहीं होती है इसलिए जो इच्छा सबसे प्रबल होती है उसे वह पहले पूरा करना चाहेगा। वे प्रबल इच्छाएँ जिन्हें पूरा करने के लिए हमारे पास पर्याप्त साधन (क्रय शक्ति) हों तथा उस साधन (क्रय शक्ति) को छोड़्ने के लिए तत्पर हों, आवश्यकता कहलाती है। प्रत्येक व्यक्ति की कुछ मूलभूत आवश्कताएँ होती हैं जिनके बिना मनुष्य का जीवित रहना असंभव होता है जैसे- हवा, पानी, भोजन, कपड़ा और मकान। हवा, व पानी के बिना हमारा जीवन ही संभव नहीं है। भोजन के बिना हम कुछ दिनों तक जीवित रह सकते हैं। ऐसे अर्थशास्त्र प्रश्नों के उत्तर सरल-सहज भाषा शैली में दिए गए हैं।
Couldn't load pickup availability
Share
Binding
Binding
Author
Author
