Skip to product information
1 of 1

Aatmakatha Ramprasad 'Bismil'

Aatmakatha Ramprasad 'Bismil'

Banarasi Das Chaturvedi

SKU:

यह आत्मकथा गोरखपुर जेल की फाँसी की कोठरी में फाँसी पर झूलने के तीन दिन पहले तक अधिकारियों की नजर बचाकर लिखी गई थी।
उन्हीं के शब्दों में- इस कोठरी में यह सुयोग्य प्राप्त हो गया कि अपनी कुछ अंतिम बात लिखकर देशवासियों को अर्पण कर दूँ। संभव है कि मेरे जीवन के अध्ययन से किसी आत्मा का भला हो जाए। बड़ी कठिनता से वह शुभ अवसर प्राप्त हुआ।
महसूस हो रहे हैं बादे फना के झोंके, खुलने लगे हैं मुझ पर असरार जिंदगी के। यदि देश हित मरना पड़े मुझको अनेकों बार भी, तो भी न मैं इस कष्ट को निज ध्यान में लाऊँ कभी, हेईश ! भारतवर्ष में शत बार मेरा जन्म हो, कारण सदा ही मृत्यु का देशोपकारक कम हो।

Quantity
Regular price INR. 316
Regular price INR. 395 Sale price INR. 316
Sale Sold out
Shipping calculated at checkout.

Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9789391859558

Binding

Hard Cover

Age Group

  • Adults
  • All Age Groups
View full details