Atul Gyan Bana Dega Mahan
Atul Gyan Bana Dega Mahan
Sudarshan Bhatia
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अपना चहुमुखी विकास चाहते हैं तो अपने ज्ञान में निरंतर वृद्धि करते रहें। याद रखना सीखें। केवल स्कूल-कॉलेज की पुस्तकों में रमे रहना आप को अच्छे अंक तो दिला सकता है किंतु यह आप के ज्ञान को सीमित ही रखता है। संसार में अनेकानेक ऐसी जानकारियाँ विद्यमान हैं जिन को आप पाठ्यक्रम में नहीं जान पाते। आप का ज्ञान विस्तृत हो। अतुल्य हो। कहीं भी जाएँ, किसी के पास बैठें, कोई चर्चा करें, किसी विषय पर अपने कमेंट्स देना चाहें तो आप केवल स्कूली पुस्तकों के बल पर नहीं दे पाएँगे। मतलब पिछड़ जाएँगे। इस पुस्तक में हम ने आप की इस कमी या कमज़ोरी को पूरा करने के लिए विभिन्न अध्यायों में बहुत कुछ ऐसा दे दिया है, जिसकी आपको संभवतः पहले से जानकारी नहीं रही होगी। कहीं-कहीं जानते भी होंगे तो उन्हें आप अब तरोताजा भी कर रहे होंगे। इस पुस्तक में कुछ और जानकारियाँ प्रस्तुत हैं आपके ज्ञान को विस्तार देने के लिए। यह ज्ञान यकीनन आप को अनेक मौकों पर कामयाब करता जाएगा, ऐसा हमें विश्वास है।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789391859046
Binding
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Hard Cover
Age Group
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- All Age Groups
- Adults
No. of pages
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Book Dimension
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