Bachchon Ki Parvarish Karne Ke Behatarin Tarike
Bachchon Ki Parvarish Karne Ke Behatarin Tarike
R.Kumar
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आदर्श जीवन भारतीय जीवन का अभिन्न हिस्सा है। ईमानदार, मेहनती, उदार, संवेदनशील, सहनशील, दयालु, परोपकारी बालक ही आगे चलकर एक आदर्श व्यक्ति बनता है। बालक और बालिका दोनों ही एक आदर्श नागरिक बनें और परिवार, समाज, पड़ोस, देश का नाम रोशन कर सबका मान बढ़ाएँ, इसके लिए सबसे पहले अभिभावकों को आदर्श बनने की जरूरत है। हर घर में आदर्श अभिभावक होंगे तो फिर बालक भी आदर्श होंगे, इसमें कोई शक नहीं है। बड़ों को सम्मान, आदर, पर्याप्त देखभाल जो बालक करते हैं, वहाँ सुख, शांति और समृद्धि में कोई अभाव कभी नहीं होता है, इसके साथ ही वहाँ आने वाली पीढ़ी भी होनहार और प्रगति करने वाली होती है। आजकल हर परिवार में नैतिकता का घोर अभाव है। बालकों को न तो घर की तरफ से नैतिक ज्ञान प्राप्त होता है और न ही शिक्षकों की तरफ से ही प्राप्त होता है, यही कारण है कि बालकों की नजर में नैतिक ताकत का कोई महत्त्व नहीं रह गया है। प्रस्तुत पुस्तक बालकों को आदर्श और होनहार बनाने में आपकी मदद करेगी।
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Hard Cover
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R.Kumar
