Bangladesh Yudh 1971
Bangladesh Yudh 1971
Rampal Singh
SKU:
पाकिस्तान अपने जन्मकाल से ही युद्धरत है। वह कबाइली युद्ध (1947), कच्छ युद्ध (1965), पूर्वी पाकिस्तान में युद्ध (1971) और कारगिल युद्ध (1999) सहित चार प्रत्यक्ष युद्धों में भारत से हार चुका है। सन् 1971 का युद्ध अन्य युद्धों से भिन्न था। इस युद्ध का कारण पाकिस्तान द्वारा अपने ही भू-भाग (पूर्वी पाकिस्तान) में कत्लेआम मचाना था। वहाँ पाकिस्तानी मुस्लिम जिनकी भाषा उर्दू थी तथा पूर्वी पाकिस्तान में बंगाली, जिनकी भाषा बंगाली थी, के मध्य था। जुल्म-अत्याचार इतना किया गया कि जनता पूर्वी पाकिस्तान से सीमा पार कर पश्चिमी बंगाल (भारत) में आ गई। इनकी संख्या लाखों में थी। भारत पर जिसका अनावश्यक बोझ बढ़ रहा था। उधर याह्या खाँ प्रजातन्त्र का गला घोंटना चाहता था क्योंकि शेख मुजीबुर्रहमान को सत्ता नहीं सौंपना चाहता था क्योंकि वहाँ जो निर्वाचन हुआ उसमें आवामी लीग को बहुमत मिला जिसके नेता शेख मुजीबुर्रहमान थे। पाक सेना ने जनता को इसलिए भी मारना शुरू किया जिससे भविष्य में बंगाली चुना न जीत पाएँ। बांग्लादेश की मुक्ति वाहिनी सेना को भारत ने सहयोग दिया। आखिरकार 16 दिसम्बर 1971 को पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके साथ ही बांग्लादेश का स्वतंत्रता संग्राम पूरा हुआ। पुस्तक में सन् 1971 के युद्ध यानी बांग्लादेश का उदय अर्थात् पाकिस्तान का विभाजन का वर्णन बहुत ही सरल भाषा शैली में किया गया है। इतिहास के छात्रों के साथ-साथ आम पाठक के लिए भी यह पुस्तक ज्ञानवर्धक है।
Couldn't load pickup availability
Share
Binding
Binding
Hard Cover
Author
Author
Rampal Singh
