Bharat Cheen Japan Sambandh
Bharat Cheen Japan Sambandh
Bimla Devi
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चीन संयुक्त राष्ट्र संघ का स्थायी सदस्य है, अतः महाशक्ति कहलाता है। चीन की सीमाएँ उसके 22 पड़ोसी राष्ट्रों से मिलती हैं। उसका अपने प्रत्येक पड़ोसी राष्ट्र से सीमा विवाद है क्योंकि वह उसकी विस्तारवादी नीति का हिस्सा है। चीन दक्षिण एशिया में अपना आधिपत्य जमाना चाहता है। वह यह भी जानता है कि भारत अब सन् 1962 वाला भारत नहीं है, अतः शक्ति के क्षेत्र में वह भारत को अपना प्रतिद्वंद्वी मानता है। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान भारत पर इंग्लैंड का आधिपत्य था, अतः जापान भारत का शत्रु था। जब तक भारत स्वतंत्र नहीं हुआ तब तक दोनों देशों के मध्य तनातनी बनी हुई थी। आजादी संघर्ष में जापान ने भारत को पूर्ण सहयोग दिया। आजादी के बाद भारत में जापानी कंपनियाँ जैसे सोनी, टोयटा और होंडा निर्माण कर भारत को सुविधा प्रदान कर रही थीं तथा भारत की आर्थिक स्थिति में लगातार वृद्धि करती रही हैं। वर्तमान में बुलेट ट्रेन की स्वीकृति जापान द्वारा भारत में चालू करने की दी गई है। चीन सरकार के अनुसार चीन-जापान संबंध में उस समय अधिक तनाव उत्पन्न हो गया जब जापान युद्धकाल के बाद चीन को संतुष्ट नहीं कर पाया क्योंकि जापान ने युद्ध के बारे में जो निर्णय लिया, चीन उससे संतुष्ट नहीं था। दूसरी तरफ जापान सरकार के अनुसार चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के विस्तार तथा उसके कार्यों ने दोनों देशों के संबंध को खराब करने में पूरी मदद की जिसका इस पुस्तक में विस्तार से वर्णन किया गया है।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392679209
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- All Age Groups
- Adults
No. of pages
No. of pages
240
Book Dimension
Book Dimension
22.5 cm x 15 cm x 2.3 cm
Item Weight
Item Weight
480 grams
