Bharat ka Sanskritik Itihas
Bharat ka Sanskritik Itihas
Haridutt Vedalankar M.A.
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पुस्तक का उद्देश्य प्राचीन भारतीय संस्कृति के सब पहलुओं का सरल एवं सुबोध रूप से संक्षिप्त तथा प्रामाणिक दिग्दर्शन कराना है। यह पुस्तक विभिन्न विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए लिखी गई है, उनमें वर्णित सभी विषयों का इसमें संक्षिप्त एवं सारगर्भित प्रतिपादन है।
विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए यह पुस्तक उपयोगी है तथा प्राचीन संस्कृति के सम्बंध में जिज्ञासा रखने वाले सामान्य पाठक भी इससे लाभ उठा सकेंगे। पुस्तक के प्रथम अध्याय में भारतीय संस्कृति की महत्ता, सभ्यता और संस्कृति के स्वरूप तथा हमारे देश की सांस्कृतिक एकता की महत्वपूर्ण विशेषताओं पर प्रकाश डाला गया है और विभिन्न राजनीतिक युगों की सांस्कृतिक उन्नति का संक्षिप्त निर्देश है।
इस अवतरणिका के बाद दूसरे से तेरहवें अध्यायों तक वैदिक, महाकाव्य-कालीन, गुप्त एवं मध्य युग की सांस्कृतिक दशा का तथा बौद्ध, जैन, भक्ति-प्रधान पौराणिक हिन्दू धर्म, बृहत्तर भारत, वर्ण-व्यवस्था, भारतीय दर्शन, शासन प्रणाली, शिक्षा-पद्धति तथा कला आदि संस्कृति के महत्वपूर्ण अंगों का विवेचन है, हिन्दू धर्म और इस्लाम के पारस्परिक सम्पर्क के परिणामों का भी उल्लेख है।
चौदहवें अध्याय में भारतीय संस्कृति की विशेषताओं और उसके भविष्य पर विचार किया गया है। पन्द्रहवें अध्याय में आधुनिक भारत के सांस्कृतिक नव जागरण का वर्णन है, इसमें ब्राह्य समाज, आर्य समाज आदि धार्मिक आन्दोलनों, सती प्रथा के निषेध से हिन्दू कोड तक के सामाजिक सुधारों, वर्तमान भारत के वैज्ञानिक विकास, साहित्यिक उन्नति और कलात्मक पुनर्जागृति का संक्षिप्त उल्लेख है।
भारतीय संस्कृति का प्रसार स्पष्ट करने के लिए पुस्तक में अनेक चित्र भी दिए गये हैं।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789391859688
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- All Age Groups
- Adults
