Bharat Mein British Raj Ke Antim Din
Bharat Mein British Raj Ke Antim Din
Leonardo Mosley
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हिन्दुस्तान में अंग्रेजी शासन के आखिरी दौर के जो इतिहास छपे हैं उनसे भी सवालों का जवाब नहीं मिलता। हिन्दुस्तान के सबसे अधिक ईमानदार और उदार वायसरायों में से एक लॉर्ड वेवेल ने दोनों राजनीतिक विरोधी दलों के बीच सुलह कराने के लिए कौन-कौन सी कोशिशें कीं? वे कौन सी परिस्थितियाँ थीं जिन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एटली को बीच धारा में नाव बदलने की प्रेरणा दी और लॉर्ड माउंटबैटन को जल्दी सत्ता सौंपने के लिए भेजा गया? भारत और पाकिस्तान के उपनिवेशों के बीच मैत्रीपूर्ण नीति तैयार करने के लिए कौन-कौन-सी कोशिशें की गईं? निर्विकार रूप से, निष्पक्ष तरीके से उन सवालों के जवाब देने की कोशिश की गई है। लेखक ने तीन वर्षों तक भारत, पाकिस्तान और ब्रिटेन में जो शोध कार्य किया है और उन कागज़ातों को देखने का भी अवसर मिला जो अब तक इतिहासकारों को नहीं मिला था। कागज़ातों, दस्तावेज़ों और चिटिठ्यों को देखने के अलावा जिन लोगों ने अंग्रेजी सत्ता हटाने व भारत और पाकिस्तान को आज़ाद कराने में प्रमुख हाथ बँटाया, उनमें से भी अधिकांश से मिलने और बात करने का जो सौभाग्य लेखक को मिला, उसी का परिणाम है यह किताब।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789391859022
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
No. of pages
No. of pages
260
Book Dimension
Book Dimension
22.5 cm x 15 cm x 2.5 cm
Item Weight
Item Weight
590 grams
