Bharat Pak Vibhajan Evam Kashmir Yudh
Bharat Pak Vibhajan Evam Kashmir Yudh
Rampal Singh
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जब देश आजाद हुआ उस समय देश मे 465 से अधिक स्वतंत्र रियासतें थीं, विभाजन में उन्हें अधिकार दिया गया कि वे चाहें तो स्वतंत्र रह सकती हैं और चाहें तो भारत या पाकिस्तान में अपना विलय कर सकती हैं। जम्मू-कश्मीर के राजा हरि सिंह ने अपनी रियासत का विलय भारत में किया, लेकिन हठधर्मिता तो देखिए कि पाकिस्तान आए दिन जम्मू-कश्मीर पर अधिकार करने के लिए आक्रमण करता रहता है जबकि वह जानता है कि भारत से इस भू-भाग को वह कभी छीन नहीं पाएगा। दुर्भाग्य से पाकिस्तान ने आजाद होते ही सन् 1947 में जब दोनों देश अशांत थे, आबादी स्थानांतरित हो रही थी उसी समय जम्मू-कश्मीर पर आक्रमण कर दिया, जो युद्ध 14 माह से अधिक दिनों तक चला, दोनों ओर से जान-माल की भारी हानि हुई। उसके बाद संयुक्त राष्क्र संघ में एक अपील की गई कि भारतीय भू-भाग में शांति स्थापित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ पाकिस्तान से कहे कि यह युद्ध बंद करे। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 1 जनवरी, सन् 1949 को युद्ध-विराम कराया गया और कहा कि दोनों मुल्कों की सेनाएँ जहाँ पर स्थित हैं उसी को सीमा नियंत्रण रेखा मान लिया जाए, लेकिन पाकिस्तान ने युद्ध-विराम के अंतिम दो दिनों में अपनी सेना को आगे बढ़ाने में जो गोला-बारुद प्रयोग किया वह पूरे युद्ध में किए गए गोला-बारूद से अधिक था क्योंकि वह जानता था कि अब अवसर है लेकिन भारत ने उसे भी स्वीकार किया। यह पुस्तक भारत-पाक युद्ध1947-48 के बारे में लिखी गई है। जिसे आप पढ़कर भारत-पाक विभाजन और कश्मीर युद्ध का पूरा इतिहास जान सकेंगे।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392602504
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- All Age Groups
- Adults
No. of pages
No. of pages
207
Book Dimension
Book Dimension
22.5 cm x 15 cm x 2 cm
Item Weight
Item Weight
480 grams
