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Bharat Par Myanmar Aur Cheen Sambandhon Ka Prabhav

Bharat Par Myanmar Aur Cheen Sambandhon Ka Prabhav

V.Singh

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म्यांमार ने लगभग दशक भर के अपने लोकतान्त्रिक अनुभवों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखा है। हाल में वर्ष 2020 में वहां के आम चुनाव ने लोकतान्त्रिक शक्तियों को मजबूत किया है। भारत म्यांमार की लोकतान्त्रिक सरकारें विस्तारवादी चीन का सामना मजबूती से कर सकती हैं, किन्तु म्यांमार में 1 फरवरी, 2021 को सेना ने तख्तापलट करते हुए सत्ता पर कब्जा करने की घोषणा कर दी। उल्लेखनीय है कि म्यांमार में सैन्य शासन के खिलाफ एक दशक तक चले लम्बे संघर्ष के बाद लोकतान्त्रिक मूल्यों के अनुकूल परिस्थितियां उभर रही थीं, किन्तु सैन्य तख्तापलट से विपरीत प्रभाव पड़ा है। फिर भी म्यांमार में तेजी से बदलाव हो रहा है। वहां लोकतंत्र की स्थापना के लिये संघर्ष और प्रयास हो रहे हैं। यदि इसी तरह लोकतान्त्रिक कदम उठाये जाते रहे तो अमेरिका भी म्यांमार को मान्यता दे देगा। म्यांमार के राष्ट्रपति ने वर्ष 2016 में भारत की यात्रा की। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सितम्बर 2017 में म्यांमार की यात्रा की। इस दौरान लगभग एक दर्जन समझौता पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए। म्यांमार के साथ द्विपक्षीय और बहु-पाश्व संपर्कों के वाबजूद भारत म्यांमार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में दशवें स्थान पर है। भारत सरकार म्यांमार के साथ वास्तविक रूप से सम्बंधों को मजबूत करने का काम कर रही है।

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V.Singh

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