Bharat Roos America Sambandh
Bharat Roos America Sambandh
Virender Singh
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भारत रूस सम्बन्ध, भारत अमेरिका सम्बन्ध और भारत चीन सम्बन्ध की अपनी अपनी अहमियत है, लेकिन पारस्परिक प्रतिस्पर्धाजनित त्रिकोणात्मक प्रेम के चलते ये सम्बन्ध अब पहले जैसे भरोसेमंद नहीं रह गए हैं।
लिहाजा, अतिरिक्त सावधानी के साथ साथ तीसरी दुनिया के देशों की हिमायत भी जरूरी है, क्योंकि वे भी आज कई तरीके के वैश्विक दांव पेंचो से गुजर रहे हैं और भारत को अपना स्वाभाविक मित्र मानते हैं। लिहाजा, भारत को चाहिए कि वो सार्क देशों, अरब देशों और आशियान देशों के साथ अपने सम्बन्ध बेहद मधुर बनाए।
साथ ही, यूरोपीय देशों, अफ्रीकी देशों, पूर्वी एशियाई देशों और आस्ट्रेलिया को भी समान रूप से अतिरिक्त तरजीह दे। यह ठीक है कि भारत के सम्बन्ध जापान, फ्रांस, दक्षिण अफीका और इजरायल से भी प्रगाढ़ हैं तथा ईरान, इराक, सऊदी अरब और जर्मनी आदि देशो से भी मधुर सम्बन्ध हैं। यही नहीं, और भी कई छोटे देश हैं जिनसे भारत के रिश्ते घनिष्ठ हैं।
इसलिए यदि अमेरिका, रूस या चीन यह चाहे कि भारत उनकी शह और मात की रणनीति के अनुरूप चले तो भारत को इससे स्पष्ट इनकार कर देना चाहिए। यही गुटनिरपेक्षता की नीति है और होगी जिससे विश्व बिरादरी में भारत की अलग साख है और बनेगी भी।
भारत की विडम्बना यह है कि वह अपने सर्वाधिक भरोसेमंद देश रूस से इतर मतलबपरस्त देश अमेरिका और विस्तारवादी देश चीन को जो साधने की कोशिश कर रहा है, उससे ही वह घात प्रतिघात का शिकार हो रहा है क्योंकि सामरिक रूप से चीन और आर्थिक रूप से अमेरिका, भारत पर हरसम्भव दबाव बनाने बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं जो अनुचित है, लिहाजा भारत को अत्यधिक सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392681233
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- All Age Groups
- Adults
No. of pages
No. of pages
160
Book Dimension
Book Dimension
22.5 cm x 15 cm x 1.6 cm
Item Weight
Item Weight
450 grams
