Skip to product information
1 of 1

Bhartiya Jadi Bootiyan Aur Phalo Ke Achuk Nusakhe

Bhartiya Jadi Bootiyan Aur Phalo Ke Achuk Nusakhe

SKU:

प्रकृति ने असंख्य रोग यदि उत्पन्न किए तो उनका निदान करने हेतु जड़ी-बूटियों को भी जन्म दिया। कोई ऐसा रोग नहीं है जिसका उपचार इन जड़ी-बूटियों से न किया जा सके।
इस प्रकार प्रकृति यदि विनाश का कारण बनी है तो वह मानव जीवन की सशक्त रक्षक भी है। महर्षि धन्वन्तरि आयुर्वेद के जनक माने जाते हैं।
उनसे भी पहले अश्विनी कुमारों ने आयुर्वेदिक चिकित्सा की नींव रखी थी। बाद में महर्षि चरक ने इस ज्ञान को विस्तृत फलक प्रदान किया। सदियों से भारतीय ऋषि-मुनियों ने प्रकृति के मध्य से विविध जड़ी-बूटियों की खोज की और मनुष्य को स्वस्थ रखने में उन जड़ी-बूटियों का उपयोग किया।

मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए ये जड़ी-बूटियाँ वरदान सिद्ध हुई। आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति थोड़ी श्रम-साध्य अवश्य है, किन्तु शरीर को निरोग रखने और स्थायी स्वास्थ्य प्रदान करने में इस चिकित्सा पद्धति का कोई जोड़ नहीं है। इस पुस्तक में उन ऋषि-मुनियों द्वारा खोजे गए अधिकांश अमूल्य नुस्खों, जड़ी-बूटियों और रोग-निदान के प्राकृतिक उपायों का सरलता से विवरण प्रस्तुत किया गया है, जिन्हें एक बार आजमाकर कोई भी व्यक्ति अपने को स्वस्थ बना सकता है।

Quantity
Regular price INR. 476
Regular price INR. 595 Sale price INR. 476
Sale Sold out
Shipping calculated at checkout.

Product Details

Language

ISBN

9789392734359

Binding

Age Group

No. of pages

Book Dimension

Item Weight

View full details