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Bhartiya Rajniti Vyvstha Ke Mool Aadhar

Bhartiya Rajniti Vyvstha Ke Mool Aadhar

Virender Singh

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विकास को लोगों की वास्तविक स्वतंत्रता के विस्तार के रूप में देखा जा सकता है। मानवीय स्वतंत्रता को विकास के संकीर्ण नजरिये के आधार पर आंका जाता है। जैसेए सकल राष्ट्रीय उत्पाद यानी जीडीपी की वृद्धि से विकास की पहचान करनाए प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि सेए या औद्योगीकरण सेए या प्रौद्योगिकी की प्रगति सेए या फिर सामाजिक आधुनिकीकरण से इसकी पुष्टि करना। सकल राष्ट्रीय उत्पाद में वृद्धि या व्यक्तिगत आय में इजाफा स्वतंत्रता के विस्तार के अर्थ में निश्चित रूप से बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं और इससे समाज के लोग खुशहाल भी होते हैं। लेकिन आजादी अन्य महत्वपूर्ण निर्धारक.तत्वों पर भी निर्भर करती हैए जैसे सामाजिक व आर्थिक व्यवस्थाओं ;शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा की सुविधाएंद्ध के साथ.साथ राजनीतिक और नागरिक अधिकारों ;सार्वजनिक बहस में हिस्सेदारी की आजादीद्ध आदि। इसी तरहए औद्योगीकरण या प्रौद्योगिक.प्रगति या फिर समाज का आधुनिकीकरण भी काफी हद तक मानवीय स्वतंत्रता में अपना योगदान दे सकता है। दरअसलए विस्तार लेती वास्तविक आजादी के संदर्भ में विकास को देखना उस निष्कर्ष की ओर संकेत करना हैए जो विकास को महत्वपूर्ण बनाता हैए न कि उन मायनों और अन्य तथ्यों कोए जो कि तरक्की में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

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Regular price INR. 476
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Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9789392690013

Binding

Hard Cover

Age Group

  • All Age Groups
  • Adults

No. of pages

192

Book Dimension

22.5 cm x 15 cm x 1.9 cm

Item Weight

470 grams

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