Bhartiya Sena Aur Aatmnirbharta
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Sanchita Singh
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पहली बार भारत वैश्विक हथियार निर्यातकों की सूची में शामिल हुआ है। भारत ने हथियारों के निर्यातक के मामले में 23वें नंबर पर शुरुआत की है, मगर विदेशों में हथियारों की बिक्री को बढ़ावा देने के सरकार के कदम से हथियारों के निर्यात के मामले में आने वाले सालों में भारत की रैंकिंग में तेजी से सुधार होने की संभावना है। एस.आई.पी.आर. आई. द्वारा वैश्विक हथियारों के ट्रांसफर के लेटेस्ट आंकड़ों से पता चलता है कि 2015 से भारत द्वारा हथियारों के आयात में 32 फीसदी की भारी गिरावट आई है, जो यह दर्शाता है कि भारत का मेक इन इंडिया कार्यक्रम काफी अच्छे से आगे बढ़ रहा है। हालांकि आंकड़े यह भी बताते हैं कि सऊदी अरब के बाद भारत अभी भी हथियारों का दूसरा सबसे आयातक बना हुआ है। तेजी से घटा अमेरिका से हथियारों का आयात दिलचस्प बात यह है कि भारत द्वारा अमेरिका से हथियारों के आयात में पिछले 5 सालों में भारी गिरावट आई है। कौन हैं भारत के सबसे बड़े खरीदार? भारत के सबसे बड़े हथियार ग्राहक म्यांमार (46 फीसदी), श्रीलंका (25 फीसदी) और मॉरीशस (14 फीसदी) हैं। भारत की पूरी दुनिया के हथियार निर्यात में इस समय हिस्सेदारी सिर्फ 0.2 फीसदी है। मगर भारत का लक्ष्य पांच साल के भीतर अपने डिफेंस निर्यात को बढ़ाकर 5 अरब डॉलर करने का है। वहीं एस.आई.पी.आर.आई. डेटा यह भी दर्शाता है कि पाकिस्तान अपने हथियार सिस्टम के लिए पूरी तरह से चीन पर निर्भर नहीं है। 2015 से पाकिस्तान अपने 73 फीसदी हथियारों का आयात चीन से करता है
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Sanchita Singh
