Bhartiya Veer Sainikon Ka Gourvpuran Itihas (5 Vol. Set)
Bhartiya Veer Sainikon Ka Gourvpuran Itihas (5 Vol. Set)
Vimla Devi
SKU:
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने, युद्ध में अद्भुत साहस दिखाते हुए आमने-सामने के युद्ध में, वीर सैनिकों को सर्वोच्च शौर्य सम्मान परमवीर चक्र देने की सिफारिश राष्ट्रपति महोदय से की जिसे 26 जनवरी, 1950 से लागू किया गया और यह भी कहा गया कि यह सम्मान भारतीय स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त, 1947 से लागू होगा। इसे सामान्य रूप से पी. वी. सी. कहा जाता है। थल, जल, वायु के युद्ध में शत्रु के विरुद्ध आत्मोत्सर्ग पराक्रम अथवा कुछ भी साहसपूर्ण एवं अत्यंत वीरता कर्म प्रदर्शन करने के लिए सैनिक सेना अधिकारी को दिया जाता है। इस परमवीर चक्र की परिकल्पना श्रीमती सावित्री बाई ने की थी। परमवीर चक्र विजेता को यह अनुदान राशि उसकी मृत्यु पर उसकी विवाहित पत्नी को समारोह में दी जाती है, साथ ही यह भत्ता उसके पुनर्विवाह तक अथवा मृत्यु तक निरंतर मिलता है। विजेता की विधवा, मृतक पति के भाई से यदि विवाह करे तो यह भत्ता पाने की अधिकारिणी होती है। किंतु अनुदान राशि विजेता की प्रथम पत्नी को ही प्राप्त होती है, किंतु विशेष परिस्थिति में सरकार की अनुमति द्वारा विजेता की वैध पत्नियों में बराबर भी बाँटा जा सकता है। यदि पहली पत्नी का अनुदान बंद हुआ तो शेष विधवाओं का अनुदान समाप्त माना जाता है।
Couldn't load pickup availability
Share
Binding
Binding
Hard Cover
Author
Author
Vimla Devi




