Bhilawa
Bhilawa
R. Pandey
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भिलावा एक जंगली वृक्ष है और प्राचीन काल से ही विभिन्न औषधियों में इसका इस्तेमाल हो रहा है। भारतीय ऋषि-महर्षियों ने भिलावे को एक रसायन माना है और लगभग शरीर के सभी रोगों के लिए उत्तम वनौषधि बताया है। भिलावे का पका फ़ल मधुर-कषाय तथा कदुरस युक्त, तीक्ष्ण, स्निग्ध तथा जठराग्नि को उद्दीप्त करने वाला है। वायु विकार, संग्रहणी, वायुगोला आदि उदर रोग भिलावे के प्रयोग से नष्ट हो जाते हैं। भिलावा गलित कुष्ठ रोग में भी लाभदायक साबित होता है। भिलावे को अधिकांश लोग विष मानते हैं जबकि वास्तव में यह एक उत्तम औषधि है। भिलावे को औषधीय प्रयोगों में इस्तेमाल करने से पहले शुद्ध कर लेना श्रेयस्कर रहता है, इससे इसकी तीव्रता कम हो जाती है। भिलावे की गुठली का प्रयोग करने से गर्भपात आसानी से हो जाता है। भिलावा एक तेज औषधि है। इसका प्रयोग किसी कुशल चिकित्सक की निगरानी में ही करने से उचित लाभ होता है। महर्षि चरक ने भिलावे को दस दीपनीय औषधियों की सूची में रखा है। सुश्रुत इसे पाचक और संग्राही मानते हैं। बवासीर और भगंदर के रोगियों के लिए भिलावा एक उत्तम औषधि है। भिलावे में इन सब गुणों को देखते हुए ही इसके विविध औषधीय प्रयोग मैंने इस पुस्तक में दिए हैं, जिनसे पाठकों को अवश्य ही लाभ होगा।
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9789392680151
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Hard Cover
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