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Chalte Chalte

Chalte Chalte

Dilip Kaur Tiwana

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डॉ. दलीप कौर टिवाणा की यह पुस्तक उनकी आत्मपरक कथा का ही एक प्रकार है, जिसमें लेखिका ने उन विशेष खातों का, अनुभवों का और पलों का जिक्र किया है, जिन्होंने लेखिका को जीवन की आशा-निराशा भरी राह पर चलते हुए स्वयं की पहचान दी, जिसकी लेखिका ऋणी है। लेखिका को लगता है कि उसकी आत्मकथा में सफर के बाहरी जिक्र के चलते ये बातें वहीं छूट गयी थीं, इसलिए 'चलते-चलते' पुस्तक में अब इनका जिक्र किया है। ये बातें लेखिका को छोटे-छोटे प्रकाश जुगनुओं की तरह प्रतीत होती हैं, जिसे लेखिका के कहे मुताबिक बयान नहीं किया जा सकता, सिर्फ महसूस किया जा सकता है। उन्हें लगता है कि उनके पीछे चले आ रहे लोगों को शायद इन बातों में से, इन पलों में से कोई पल या अहसास छू जाए। इसलिए इस पुस्तक की भूमिका के अन्त में लेखिका स्पष्ट कह देती है कि 'मन किया तो पढ़ना, नहीं तो वक़्त जाया ना करना ।'

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Regular price INR. 636
Regular price INR. 795 Sale price INR. 636
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Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9789392707117

Binding

Hard Cover

Age Group

  • All Age Groups
  • Adults
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