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Chambal Ke Phool

Chambal Ke Phool

Dr. Pavitra Kumar Sharma

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आज से पचास वर्ष पूर्व भारत में डाकुओं की समस्या उतनी ही गंभीर तथा चिंता-प्रधान थी, जितनी कि आज कश्मीर में आतंकवादियों, बोडो उग्रवादियों और नक्सल प्रभावित राज्यों की समस्या। तब डाकू ही देश के सबसे बड़े आतंकवादी और उग्रवादी माने जाते थे। इस उपन्यास में दस्यु समस्या के समाधान के लिए जो 'हृदय-परिवर्तनकारी-पदयात्रा' जैसे उपाय बतलाए गए हैं, वे आज के समय में भी प्रासंगिक हैं। यदि इन शांति-अहिंसाकारी, प्रेम एवं सद्भावनापूर्ण उपायों को काम में लाया जाए तो आतंकवाद और उग्रवाद जैसी राष्ट्रीय समस्याओं पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। इस दिशा में जन-जागृति, सामूहिक प्रयास और सद्भावनापूर्ण अभियानों की आवश्यकता है। इस उपन्यास की कहानी गरीब किसान से डाकू बनने की कहानी है। कुख्यात एवं कठोर हृदय दस्युओं के आत्म-समर्पण एवं पश्चाताप की कहानी है।

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Regular price INR. 796
Regular price INR. 995 Sale price INR. 796
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Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9789392677199

Binding

Hard Cover

Age Group

  • Adults
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