Chankya Niti
Chankya Niti
Dr. Mahendra Mittal
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तेजपुंज युगपुरुष चाणक्यः वह चाण्क्य, जिराने राजनीति, कूटनीति तथा शासन का ऐसा विलक्षण मंत्र दिया कि टुकड़े टुकड़े चंटा भारत, समग्र भारत बन सका। चाणक्य के बचपन का नाम कौटिल्य था। साथ ही उन्हें विष्णुगुप्त और वात्सायन भी कहा जाता है। सारे विश्व को इन्हीं चाणक्य ने 'अर्थशास्त्र' से भी परिचित कराया। आज भी उनकी नीति, उनके विचार तथा प्रेरणाएँ, व्यक्ति, परिवार, समाज तथा राष्ट्र का मार्गदर्शन करने में उतनी ही समर्थ है, जितनी सदियों पूर्व थी। सच कहा जाए तो चाणक्य की शासन शैली और विचारों के क्रियान्वयन की आवश्यकता आज भी है। आज भी राजनीति, धर्म, रामाज विकृति से ग्रस्त भी हैं और त्ररत भी। ऐसे समय में चाणक्य की नीति भारत ही नहीं, बल्कि विश्व के लिए भी उपयोगी है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखकर प्रस्तुत पुस्तक 'चाणक्य नीति' की व्याख्या तथा भावार्थ को यहाँ प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि पाठक चागक्य के श्लोक तथा अर्थ के साथ उसके अभिप्राय से भी परिचित हो सके।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392729164
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
