1
/
of
1
Chinti Ki Chappal
Chinti Ki Chappal
Dr. Shobha Agarwal
SKU:
आज हर जगह पक्की जमीनें बन रही हैं। मिट्टी की जमीनें न होने के कारण कीड़े-मकोड़ों जैसे चींटी आदि को चलने में कष्ट होता है। कीड़े-मकोड़े मिट्टी की जमीन खोद कर उसमें अपना घर बना लेते थे। इससे जमीन की उर्वरा शक्ति भी बढ़ती थी। इस पुस्तक में पर्यावरण समस्याओं के कारण व निवारण का छोटे-छोटे नाटकों के माध्यम से, मूल्यसंप्रेष्य प्रस्तुतीकरण किया गया है। सामाजिक चेतना के प्रति जागरुक करते भी छोटे-छोटे नाटक हैं। सामान्य स्वास्थ्य और मानसिक चेतना को समृद्ध करते हुए भी कुछ नाटक हैं। हर नाटक की अपनी एक रीढ़ है व अपना एक मूल्य है।
Quantity
Regular price
INR. 495
Regular price
Sale price
INR. 495
Shipping calculated at checkout.
Couldn't load pickup availability
Share
Binding
Binding
Hard Cover
Author
Author
Dr. Shobha Agarwal
