Daag Ki Chuninda Shayari
Daag Ki Chuninda Shayari
Roop Krishan Ahuja
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अपने समय के प्रणय संबंधी नामचीन उर्दू शायरों में दाग का नाम बड़ी इज़्ज़त से लिया जाता है। हर तबके के व्यक्ति को दाग की शायरी चुंबक की मानिंद आकर्षित करती है। उन्हें न केवल प्रभावित करती है बल्कि सुगम-सहज अल्फाज़ की वजह से जुबां पर भी चढ़ी रहती है। लोग उससे नसीहत ही नहीं लेते बल्कि अपने दैनिक व्यवहार में अपनाकर सुकून का भी अनुभव करते हैं। उर्दू लिपि से परिचित न होने के कारण अधिकांश पाठक अकसर उम्दा शायरी से वंचित रह जाते हैं। इस पुस्तक का मकसद है उन पाठकों तक शायरी के मुतल्लिक वह सब मयस्सर कराना, जो वे पढ़ना तो चाहते हैं पर अनुपलब्ध न होने की वजह से पढ़ नहीं पाते। मुश्किल अल्फाज के मानी जानने के लिए पाठक को शब्दकोष न खंगालना पड़े, इस समस्या को ध्यान में रखते हुए ग़ज़ल के साथ ही संभावित अर्थों को भी उन्हीं सफ़हों पर दिया गया है। उम्मीद है कि इससे पाठक दाग की चुनिंदा शायरी का पूरा लुत्फ उठा पाएंगे।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392732249
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
