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Deeya Aur Deevat

Deeya Aur Deevat

Rajendra Verma

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साहित्यिक निबन्धों की श्रृंखला में ‘दीया और दीवट’ ऐसा निबंध-संग्रह है जिसमें आधुनिक निबंधों की सभी कोटियाँ विद्यमान हैं- वे चाहे ललित हों, वैचारिक हों, आलोचनात्मक हों अथवा विधा-विषयक। संग्रह में लेखक ने अपने जीवनानुभव, अध्ययन तथा रचनात्मक दृष्टिकोण का परिचय देते हुए स्वागतेय विचार रखे हैं जो कई अर्थों में महत्वपूर्ण हैं। पुस्तक में विषय-वैविध्य है।

भाषा विद्वतापूर्ण तथा शैली आकर्षक है। कोई भी निबंध आप बिना पूरा पढ़े छोड़ नहीं सकते। साहित्यिक विधाओं में जहाँ ‘दोहा छ्न्द: एक अध्ययन’ व्यंग्य, लघुकथा अथवा हाइकु का शिल्प आदि निबंध प्राय: खोजने पर नहीं मिलते, वहीं मुक्तक और रुबाई जैसी विधाओं पर उपलब्ध सामग्री ‘अलभ्य’ की श्रेणी में कही जा सकती है।

इसी प्रकार, सामयिक निबंधों में, आतंकवाद, जनसंख्या-वृद्धि, कल्याणकारी अर्थशास्त्र, बैंकिग जैसे विषयों पर सामग्री पठनीय-मननीय तो है ही, हमें वैचारिक रूप से समृद्ध भी करती है। पुस्तक नि:सन्देह सामान्य पाठकों से लेकर साहित्यिक-अध्येताओं एवं शोधार्थियों हेतु उपयोगी है।

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Regular price INR. 716
Regular price INR. 895 Sale price INR. 716
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Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9789395960151

Binding

Hard Cover

Age Group

  • All Age Groups
  • Adults

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