1
/
of
1
Dilli Chalo: Azadi Sangharsh ki Ankahi Gatha
Dilli Chalo: Azadi Sangharsh ki Ankahi Gatha
Rampal Singh
SKU:
‘दोस्तो, आजादी के लिए काम करने या मरने का समय आ गया है। जो लड़ाई हमारे सामने है उसका सामना हमें चट्टान बनकर करना है। मगर याद रहे दुश्मन ताकतवर तो है ही, साथ ही चालाक, मक्कार और जल्लाद भी। इसलिए आपको अभी से सावधान करता हूँ कि इस पार की लड़ाई में बड़ी-बड़ी मुसीबतें आएँगी, दर-बदर की ठोकरें खानी होंगी। जंगलों में भटकना पड़ सकता है, बीमारी और मौत भी आ सकती है। इन सब इम्तिहानों में पास होने के बाद जो आजादी आपको मिलेगी वो आपकी होगी, आपके भारत की होगी। वही आजादी हमारे भारत के लिए अमन-चैन और खुशहाली की जिदगी लेकर आएगी।’’ भाषण का अंतिम वाक्य तो जैसे नेताजी का उद्घोष बन गया है, ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा।’
Quantity
Regular price
INR. 895
Regular price
Sale price
INR. 895
Shipping calculated at checkout.
Couldn't load pickup availability
Share
Binding
Binding
Hard Cover
Author
Author
Rampal Singh
