Ek Hasina Thi Ek Deewana Tha
Ek Hasina Thi Ek Deewana Tha
Rajender Raj
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जुल्फ़ों के बादल लहरा के दिल पे बिजलियाँ गिरा के आँखों के कॉफी हाउस में बुला के मुस्कराहट का पिज्जा खिला के ठग लेती हो तुम मुझे। - 'ठग लेती हो तुम मुझे' ज़िस्म के तोपखाने में यौवन का गोला-बारूद है हुस्न को चिंगारी दे दो तो सारा आलम जल जाए ज़हर खूबसूरत हो तुम। - 'ज़हर खूबसूरत हो तुम' चाँद से हसीन मुखड़े को जी भर के देखता रहूँ गुलाबी रूख़्सारों पर दिल की धड़कनें लुटाऊँ मर न जाऊँ इस चेहरे पर। - 'मर न जाऊँ इस चेहरे पर' अपनी इन मद्भरी आँखों से लरजते लबों से गुलाबी गालों से काले घने बालों से पागल कर दोगी तुम मुझे। -'पागल कर दोगी तुम मुझे' नयनों से करती है जादू-टोना होंठों से मंतर मारती है जुल्फ़ों की जंजीर में घुमाकर इश्क़ के दरिया में डालती है मस्त है यह छोकरी। - 'मस्त है यह छोकरी'
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789395960212
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- All Age Groups
- Adults
No. of pages
No. of pages
136
Book Dimension
Book Dimension
22.5 cm x 15 cm x 1.5 cm
Item Weight
Item Weight
420 grams
