Ganga Ka Pathar
Ganga Ka Pathar
Manoj Kumar
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'गंगा का पत्थर' उपन्यास के पटल पर मानवीय रिश्तों के अनेक रंग देखे जा सकते हैं। इस उपन्यास में एक अनाथ दिव्यांग की मनोस्थिति और उसके प्रति समाज का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है। इसमें राजस्थान के ग्रामीण अंचल का सजीव चित्रण देखने को मिलता है। इसमें विकट परिस्थितियों में कृषकों का जीवन संघर्ष कृषक-विमर्श को दर्शाता है। इसमें निम्न जाति की एक विधवा का अन्तर्जातीय विवाह, दलित चेतना को रेखांकित करता है तथा समाज में एक नवीन परिवर्तन की माँग करता है। यह उपन्यास ग्रामीण परिवेश में विद्यमान जाति-भेद को उजागर करते हुए दलित उद्धार हेतु बाध्य करता है। प्रस्तुत उपन्यास मानवीय मूल्यों का अवलोकन तो करता ही है, साथ ही उन्हें यथार्थ के धरातल पर परखने के लिए प्रेरित भी करता है।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789395960267
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
