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Guru Govind Singh

Guru Govind Singh

Dr. Pavitra Kumar Sharma

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काजियों की बातें सुनकर गुरु महाराज थोड़ा मुस्कराए और कहने लगे, "संसार के सभी धर्म ईश्वर के बनाए हुए हैं इसलिए दुनिया का कोई भी धर्म बुरा नहीं है।

बुरा तो मनुष्य का मन होता है, उसकी अशुद्ध भावनाएँ या नीयत बुरी होती है। मुझे मेरे महान पिता ने सिखाया है कि चाहे धर्म की रक्षा में तुम्हारे प्राण भी क्यों न चले जाएँ, लेकिन अपने धर्म को कभी न छोड़ना। मैं हिन्दू और मुसलमान, दुनिया के सभी धर्मों को एक समान ही समझता हूँ। मेरी नजर में कोई धर्म ऊँचा या नीचा नहीं है।

मैं अपने प्राण दे सकता हूँ लेकिन अपना धर्म नहीं बदल सकता। जिस धर्म में मैं पैदा हुआ हूँ, जिस धर्म की शिक्षा मैंने बचपन से ग्रहण की है, उस धर्म को मैं कभी नहीं छोड़ सकता, चाहे मेरी जान ही क्यों न चली जाए।

एक सच्चा सिक्ख जान देने से नहीं घबराता, लेकिन उसे धर्म परिवर्तन के लिए भी मजबूर नहीं किया जा सकता।"

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Product Details

Language

ISBN

978-93-95813-04-4

Binding

Hard Cover

Age Group

  • Adults
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